(तस्वीर के साथ)
कोयंबटूर (तमिलनाडु), सात जुलाई पुलिस उपमहानिरीक्षक (डीआईजी) के पद पर तैनात भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) के एक अधिकारी ने शुक्रवार तड़के खुद को गोली मारकर कथित तौर पर आत्महत्या कर ली। पुलिस ने कहा कि अधिकारी 'अवसाद' से जूझ रहे थे, लेकिन विपक्ष ने घटना की जांच कराने की मांग की है।
अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (एडीजीपी) कानून-व्यवस्था ए. अरुण ने कहा कि कोयंबटूर रेंज के डीआईजी सी विजयकुमार ने शुक्रवार सुबह खुद को गोली मार ली।
प्राथमिक जांच का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि मृतक का पिछले कुछ वर्षों से अवसाद का इलाज चल रहा था। उन्होंने कहा कि अधिकारी द्वारा उठाया गया यह अतिवादी कदम पूरी तरह से चिकित्सा से जुड़ा हुआ था।
अरुण ने यहां संवाददाताओं को बताया, ''मैंने उनका (विजयकुमार) उपचार कर रहे चिकित्सकों से बात की, जिन्होंने यह जानकारी दी। उन्होंने (विजयकुमार) चार दिन पहले मानसिक दबाव के लिए चिकित्सक से परामर्श लिया था और उन्हें अलग-अलग दवाएं दी गई थीं।''
जांच में यह खुलासा हुआ है कि मृतक का कोई पारिवारिक विवाद नहीं था और न ही काम का कोई बोझ था। उन्होंने कहा, ''विजयकुमार ने बृहस्पतिवार को सबसे बात की थी।''
अरुण ने कहा, ''मामले का राजनीतिकरण करने की जरूरत नहीं है। यह पूर्ण रूप से चिकित्सा संबंधी कारणों से हुआ है।''
विजयकुमार का इलाज कर रहे चिकित्सक के हवाले से एडीजीपी ने कहा, ''उन्हें ओसीडी आधारित अवसाद था। ओसीडी (ऑबसेसिव कंपल्सिव डिसऑर्डर) एक मानसिक स्वास्थ्य विकार है।''
अरुण ने मृत अधिकारी की जमकर तारीफ की और कहा कि वह (विजयकुमार) जहां भी तैनात रहते थे वहां पुरस्कार प्राप्त करते थे।
खुद को गोली मारने से पहले विजयकुमार ने अपने बंदूकधारक का हथियार लिया था या नहीं? इस सवाल के जवाब में अरुण ने कहा कि इसकी जांच की जा रही है।
तमिलनाडु के राज्यपाल आर एन रवि, मुख्यमंत्री एम के स्टालिन और विपक्ष के नेता के पलानीस्वामी तथा अन्य ने पुलिस अधिकारी की मौत पर शोक व्यक्त किया है।
अखिल भारतीय अन्ना द्रविड मुनेत्र कषगम के महासचिव पलानीस्वामी ने मामले की जांच केन्द्रीय अन्वेषण ब्यूरो से कराने की मांग की।
एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने कहा कि संदेह है कि डीआईजी सी विजय कुमार ने शहर के रेड फील्ड्स स्थित अपने आवास पर सर्विस पिस्तौल से खुद को गोली मार ली। अधिकारी ने कहा कि आत्महत्या के कारणों का पता लगाया जा रहा है।
भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) के 2009 बैच के अधिकारी विजय कुमार करीब 45 वर्ष के थे । उन्होंने इसी वर्ष जनवरी में डीआईजी का पदभार संभाला था। इससे पहले उन्होंने चेन्नई के अन्ना नगर में पुलिस उपायुक्त के रूप में सेवाएं दी थीं।
वह कांचीपुरम, कुड्डालोर, नागपट्टिनम और तिरुवरूर जिलों में पुलिस अधीक्षक पद पर भी कार्य कर चुके थे।
आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि वह राज्य के थेनी जिले से थे और उनका अंतिम संस्कार संभवत: वहीं होगा।
तमिलनाडु के मंत्री एम पी सामीनाथन और वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने कुमार को श्रद्धांजलि अर्पित की।
तमिलनाडु में हाल के वर्षों में किसी वरिष्ठ पुलिस अधिकारी द्वारा कथित तौर पर आत्महत्या किए जाने का यह दूसरा मामला है।
इससे पहले तिरुचेंनगोड़े की तत्कालीन पुलिस उपाधीक्षक विष्णु प्रिया ने 2015 में नमक्कल जिले में स्थित अपने आवास पर कथित तौर पर आत्महत्या कर ली थी।
रज्यपाल रवि ने विजयकुमार के निधन पर शोक व्यक्त किया।
राजभवन के आधिकारिक ट्विटर हैंडल से ट्वीट किया गया, ‘‘ युवा तथा काबिल पुलिस अधिकारी सी विजयकुमार के निधन के बारे में जान कर बेहद दुख हुआ। उनके परिवार के प्रति मेरी संवेदनाएं। ओम शांति।’’
मुख्यमंत्री ने ट्वीट किया कि वह सी विजयकुमार की मौत की खबर से शोकाकुल तथा स्तब्ध हैं।
उन्होंने ट्वीट किया, ‘‘ विजयकुमार ने तमिलनाडु पुलिस बल में विभिन्न पदों पर सेवाएं दीं जिसमें जिले का पुलिस अधीक्षक पद शामिल है। उनका निधन तमिलनाडु पुलिस विभाग के लिए भारी क्षति है। उनके परिवार, मित्रों तथा पुलिस बल के प्रति मेरी संवेदनाएं।’’
पलानीस्वामी ने ट्वीट किया कि विजयकुमार की कथित आत्महत्या ‘‘कई संदेह पैदा करती है। इसलिए आईपीएस विजयकुमार की आत्महत्या मामले की सीबीआई जांच कराई जानी चाहिए और सच्चाई का पता लगाया जाना चाहिए।’’
भारतीय जनता पार्टी की राज्य इकई के अध्यक्ष के. अन्नामलाई ने भी कुमार की मौत पर शोक व्यक्त किया है। इनके अलावा एमडीएमके प्रमुख वाइको, पीएमके के संस्थापक डॉ. एस. रामदास तथा कई नेताओं ने शोक व्यक्त किया है।
जितेंद्र जितेंद्र संतोष
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