गोरखपुर (उप्र), एक अगस्त अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (अभाविप) के कार्यकर्ताओं और छात्रों ने फीस वृद्धि तथा अन्य मुद्दों पर मंगलवार को यहां दीन दयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय के मुख्य द्वार पर प्रदर्शन किया।
पुलिस ने बताया कि छात्रों के विरोध प्रदर्शन को देखते हुए एहतियात के तौर पर विश्वविद्यालय में बड़ी संख्या में पुलिस बल और पीएसी कर्मियों को तैनात किया गया है।
अभाविप के गोरक्ष प्रांत सचिव सौरभ गौड़ ने बताया, ''भ्रष्ट कुलपति मौन राजभवन'' नारे लिखे बैनर और तख्तियां दिखाते हुए छात्रों ने विरोध प्रदर्शन किया और कुलपति के खिलाफ जमकर नारे भी लगाए।
गौरतलब है कि इससे पहले अभाविप कार्यकर्ता फीस बढ़ोतरी वापस लेने आदि की मांग को लेकर कुलपति कार्यालय पर धरना दे रहे थे लेकिन 21 जुलाई को अचानक भारी पुलिस बल की मौजूदगी में वहां हिंसा भड़क उठी।
कुछ प्रदर्शनकारियों ने कुलपति प्रो. राजेश सिंह पर हमला किया और कुछ अधिकारियों की पिटाई भी की, जिसके बाद विश्वविद्यालय ने 22 प्रदर्शनकारियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई और 18 छात्रों के निष्कासन का नोटिस जारी किया और छह आरोपियों के विश्वविद्यालय परिसर में प्रवेश पर प्रतिबंध लगा दिया।
जिन लोगों के खिलाफ कार्रवाई की गई, वे सभी आरएसएस की छात्र शाखा अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (अभाविप) के सदस्य हैं और फीस वृद्धि और अन्य मुद्दों के खिलाफ विरोध प्रदर्शन का हिस्सा थे।
गोरक्ष प्रांत के सचिव सौरभ गौड़ ने विश्वविद्यालय की कार्रवाई की निंदा की और कहा कि छात्रों के निष्कासन की कार्रवाई छात्रों से शिक्षा का अधिकार छीनने का प्रयास है जो बिल्कुल उचित नहीं है।
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