पुणे, दो जनवरी पूर्व राज्यसभ सदस्य, कोल्हापुर शाही परिवार के सदस्य संभाजी छत्रपति ने छत्रपति संभाजी महाराज पर टिप्पणी करने पर सोमवार को महाराष्ट्र विधानसभा के नेता प्रतिपक्ष अजित पवार को आड़े हाथ लिया। उन्होंने पवार को सलाह दी कि वह बिना अध्ययन किए किसी ऐतिहासिक घटना पर प्रतिक्रिया नहीं दें।
उल्लेखनीय है कि पिछले सप्ताह विधानसभा में पवार ने कथित तौर पर कहा था कि छत्रपति संभाजी महाराज ‘धर्मवीर’ नहीं थे। इससे नाराज भाजपा ने दावा किया कि पवार की टिप्पणी संभाजी महाराज का ‘अपमान’ है।
भाजपा कार्यकर्ताओं ने पुणे, नासिक और नागपुर सहित राज्य के विभिन्न हिस्सों में अजित पवार की टिप्पणी की निंदा करते हुए विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने पवार के खिलाफ नारेबाजी की और उनका पुतला जलाया। उन्होंने पवार से माफी मांगने या विधानसभा के नेता प्रतिपक्ष पद से इस्तीफा देने की मांग की।
कोल्हापुर में संवाददाताओं से बातचीत करते हुए छत्रपति शिवाजी महाराज के वंशज संभाजी छत्रपति ने कहा, ‘‘अजित पवार को स्पष्ट करना चाहिए कि उन्होंने किस संदर्भ में इस तरह की टिप्पणी की। मैं उन्हें बताना चाहता हूं कि विषय का अध्ययन किए बिना उन्हें ऐतिहासिक घटनाओं पर टिप्पणी नहीं करनी चाहिए।’’ उन्होंने कहा कि पवार द्वारा दिया गया बयान ‘‘पूरी तरह से गलत’’ और ‘‘अर्धसत्य’’ है।
संभाजी छत्रपति ने कहा, ‘‘वह (पवार) छत्रपति संभाजी महाराज को ‘स्वराज रक्षक’ कहते हैं जो सही है , लेकिन उनका यह कहना गलत है कि वह ‘धर्मवीर’ नहीं थे।’’
इस बीच, भाजपा कार्यकर्ताओं ने पुणे शहर और जिले के विभिन्न हिस्सों में प्रदर्शन किया। भाजपा की पुणे शहर इकाई ने डेक्कन इलाके में प्रदर्शन किया और पवार से माफी मांगने को कहा, वहीं इसी तरह का प्रदर्शन बारामती में राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) के नेता पवार के आवास के बाहर भी आयोजित किया गया।
नासिक शहर के रविवार करंजा चौक पर भी भाजपा कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया और पवार के खिलाफ नारेबाजी की। उन्होंने पवार का पुतला भी जलाया। नागपुर में भाजपा महिला मोर्चा कार्यकर्ताओं ने भी पवार की टिप्पणी के खिलाफ नारेबाजी की।
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