देश की खबरें | नोटबंदी व्यवस्थागत भ्रष्टाचार और कालेधन को झटका थीः भाजपा
एनडीआरएफ/प्रतीकात्मक तस्वीर (Photo Credits: ANI)

नयी दिल्ली, आठ नवंबर भाजपा ने रविवार को विपक्षी पार्टी पर हमला करते हुए कहा कि नोटबंदी कांग्रेस नीत संप्रग सरकार के दौरान व्याप्त भ्रष्टाचार और कालेधन की समस्या पर एक " हमला" था।

आठ नवंबर 2016 को रात आठ बजे प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 500 और 1000 रुपये के नोटों को उसी दिन आधी रात से बंद करने की घोषणा की थी और इनकी जगह 500 और 2000 रुपये के नए नोट लाने का ऐलान किया था।

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भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता राजीव चंद्रशेखरन ने कहा कि नोटबंदी देश के लिए अच्छी थी।

उन्होंने नोटबंदी की चौथी वर्षगांठ पर यहां पार्टी मुख्यालय पर संवाददाता सम्मेलन में कहा कि नोटबंदी की वजह से अर्थव्यस्था साफ हुई, असंगठित क्षेत्र संगठित हुआ और राजस्व में बढ़ोतरी हुई।

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चंद्रशेखरन ने कहा, "नोटबंदी व्यवस्थागत आर्थिक भ्रष्टाचार और काले धन की अर्थव्यवस्था को एक झटका थी। तब से संगठित अर्थव्यवस्था मजबूत हुई और समाज के सभी वर्गों के लिए अप्रत्याशित आर्थिक लाभ लाई।"

उनकी टिप्पणी कांग्रेस नेता राहुल गांधी की नोटबंदी को लेकर सरकारी आलोचना के बाद आई है। गांधी ने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के कदम का मकसद अपने कुछ “उद्योगपति मित्रों” की मदद करना था और इसने भारतीय अर्थव्यवस्था को “बर्बाद” कर दिया।

नाम लिए बिना चंद्रशेखरन ने कहा, " अगर कोई है जिसे लूट और अर्थव्यवस्था के कुप्रबंधन के बारे में बात नहीं करनी चाहिए तो वह कांग्रेस के लोग हैं। कांग्रेस नीत संप्रग सरकार के बर्बाद 10 साल में देश की अर्थव्यवस्था में काला धन और भ्रष्टाचार अनियंत्रित था।"

संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) 2004 से 2014 तक केंद्र की सत्ता पर काबिज था।

चंद्रशेखरन ने कहा कि 2014 से मोदी सरकार ने आर्थिक बदलाव शुरू किये और नोटबंदी इसका हिस्सा थी ताकि सुनिश्चित हो कि सरकार की योजनाओं का लाभ बिना भ्रष्टाचार के गरीबों और दबे -कचले लोगों तक पहुंचे।

भाजपा नेता ने कहा, " नोटबंदी के तीन अहम प्रभाव पड़े,-- अर्थव्यवस्था साफ हुई, असंगठित क्षेत्र संगठित हुआ क्योंकि इसने हमारी गरीबों और जरूरतमंदों तक पहुंचने में मदद की और राजस्व बढ़ा।"

चंद्रशेखरन ने कहा कि आर्थिक परिवर्तन या पिछले छह साल में मोदी सरकार द्वारा उठाए गए कदमों से भारतीय अर्थव्यवस्था पर सकारात्मक प्रभाव पड़ा है।

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