नयी दिल्ली, 21 जुलाई दिल्ली वक्फ बोर्ड के पुर्नगठन की प्रक्रिया शुरू हो गई है, जो कोरोना वायरस महामारी के कारण रूक गई थी। इस बाबत बोर्ड के एक सदस्य (विधायक) के चुनाव के लिए एक चुनाव अधिकारी की नियुक्ति हो गई है।
यह पद इस साल शुरू में हुए विधानसभा चुनाव के बाद से खाली है।
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अधिकारियों ने मंगलवार को बताया कि दिल्ली में विधानसभा चुनाव के ऐलान के बाद ओखला से विधायक अमानतुल्लाह खान बोर्ड के सदस्य नहीं रहे थे। वह बोर्ड के अध्यक्ष भी थे।
दिल्ली सरकार के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया, " वक्फ बोर्ड के सदस्य (विधायक) के चुनाव के लिए जिलाधिकारी (मध्य) को चुनाव अधिकारी नियुक्त किया गया है। उन्हें इस महीने के शुरू में नियुक्त किया गया था। "
उन्होंने बताया कि इस कवायद को पूरा होने में और वक्त लग सकता है, क्योंकि अधिकारी कोविड-19 से संबंधित काम में लगे हुए हैं।
वक्फ बोर्ड के सात सदस्य होते हैं, जिनमें से चार का चुनाव होता है और तीन सदस्यों को नामित किया जाता है।
निर्वाचित सदस्यों में एक विधायक, एक मौजूदा या पूर्व सांसद, मुतवल्ली (प्रबंधक या संरक्षक) और बार काउंसिल का एक सदस्य शामिल होता है।
वहीं नामित सदस्यों में दिल्ली सरकार का एक अधिकारी (यह पद भी खाली है), एक सामाजिक कार्यकर्ता और एक मुस्लिम विद्वान शामिल होता है।
अमानतुल्ला खान ओखला सीट से एक बार फिर बड़े अंतर से जीते हैं और सदस्य (विधायक) पद के लिए सबसे आगे हैं।
अधिकारियों ने बताया कि सत्तारूढ़ आप के पांच मुस्लिम विधायक हैं लेकिन सदस्य (विधायक) हमेशा निर्विरोध निर्वाचित हुआ है।
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