नयी दिल्ली, 10 अगस्त राष्ट्रीय राजधानी में सेवा मामलों से संबंधित एक विधेयक संसद में पारित होने के कुछ दिन बाद विधानसभा सचिवालय ने दिल्ली विधानसभा शोध केंद्र अध्येतावृत्ति (फेलोशिप) कार्यक्रम के तहत 116 अध्येताओं की सेवा समाप्त करने के आदेश जारी किए हैं।
विधानसभा सचिवालय ने इस महीने की शुरुआत में एक आदेश जारी कर अध्येताओं की नियुक्ति बंद कर दी थी, लेकिन बाद में कहा कि इस फैसले को अगले निर्देश तक स्थगित रखा गया है।
दिल्ली के उपराज्यपाल वीके सक्सेना ने हाल ही में अरविंद केजरीवाल सरकार द्वारा नियुक्त लगभग 400 “विशेषज्ञों” की सेवाओं को समाप्त कर दिया, जिसे आप सरकार ने “असंवैधानिक” करार दिया।
विधानसभा सचिवालय के नौ अगस्त को जारी आदेश में कहा गया, “दिल्ली विधानसभा में दिल्ली असेंबली रिसर्च सेंटर फेलोशिप कार्यक्रम के तहत फेलो, एसोसिएट फेलो और एसोसिएट फेलो (मीडिया) की नियुक्ति को तत्काल प्रभाव से तब तक बंद किया जाता है जब तक कि वेतन के भुगतान और उपस्थिति के अंकन के मुद्दों का समाधान नहीं हो जाता।”
इसमें कहा गया, “सभी फेलो, एसोसिएट फेलो और एसोसिएट फेलो (मीडिया) को निर्देश दिया जाता है कि वे सभी बकाया राशि, यदि कोई हो, का भुगतान करें और बिना किसी चूक के तुरंत इस सचिवालय में कोई बकाया नहीं होने का प्रमाणपत्र जमा करें। यह माननीय अध्यक्ष, डीएलए की पूर्वानुमति से जारी किया गया है।”
संसद ने सोमवार को राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली सरकार (संशोधन) विधेयक, 2023 पारित कर दिया, जो केंद्र सरकार को दिल्ली सरकार में नौकरशाहों पर नियंत्रण देता है।
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