देश की खबरें | दिल्ली की सामाजिक कार्यकर्ता, बलात्कार पीड़िता के परिजनों का नीतीश के आवास के बाहर धरना

पटना, दो अप्रैल बिहार में उस बच्ची के पिता और एक अन्य रिश्तेदार को दिल्ली की एक सामाजिक कार्यकर्ता के साथ पुलिस ने शनिवार को तब हिरासत में ले लिया जब उन्होंने उच्च सुरक्षा वाले मुख्यमंत्री आवास के सामने धरना दिया।

उक्त किशोरी की एक पखवाड़े पहले बलात्कार के बाद बेरहमी से हत्या कर दी गई थी। उक्त सामाजिक कार्यकर्ता लड़की के शोक संतप्त परिवार के सदस्यों की मदद करने के लिए दिल्ली से आयी थी।

पीएआरआई (पीपल अगेंस्ट रेप इन इंडिया) की संस्थापक योगिता भयाना 12 साल की बच्ची के यौन उत्पीड़न का मामला उठाने के लिए आयी थीं जिसका होली के एक दिन बाद यौन उत्पीड़न किया गया था और उसके बाद अपराधियों ने उसकी आंखें फोड़ दी थीं और उसके शरीर को रेत के गड्ढे में दबा दिया था।

पीड़िता के पिता और रिश्तेदार बांका जिले से आए थे और भयाना ने कहा कि वह दोषियों को पकड़ने में स्थानीय पुलिस की अक्षमता से अवगत कराने के लिए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से मिलने का समय मांगेंगी।

समय नहीं मिलने पर भयाना ने शोक संतप्त परिवार के सदस्यों के साथ मुख्यमंत्री आवास तक मार्च किया।

सुरक्षा कर्मियों ने इस पर आपत्ति जतायी और उनसे यह उल्लेखित करते हुए जाने के लिए कहा कि यह एक प्रतिबंधित क्षेत्र है और किसी भी प्रदर्शन की अनुमति नहीं दी जा सकती है।

इस दौरान तीखी नोकझोंक हुई, जिसकी फुटेज न्यूज चैनलों पर चलायी गई। इसमें देखा गया कि भयाना एक पुलिसकर्मी की इस टिप्पणी पर कड़ी प्रतिक्रिया जतायी कि ‘‘आप महिला हैं, महिला की तरह रहिये।’’

प्रदर्शनकारियों को बाद में एक पुलिस जीप में सचिवालय पुलिस थाने ले जाया गया।

नाम गुप्त रखने की शर्त पर पुलिस के एक अधिकारी ने कहा कि आम तौर पर ऐसे मामलों में लोगों को बांड भरकर छोड़ दिया जाता है, लेकिन वर्तमान मामले में हिरासत में लिये गए व्यक्ति मुख्यमंत्री से मिलने के लिए अड़े हुए हैं। उन्होंने कहा कि इसलिए इस संबंध में आगे की कार्रवाई के लिए वरिष्ठ अधिकारियों से सलाह मांगी जा रही है।

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