देश की खबरें | दिल्ली दंगा: अदालत ने सीएफएसएफल के निदेशक को इलेक्ट्रोनिक आंकड़े का विश्लेषण जल्द पूरा करने को कहा
एनडीआरएफ/प्रतीकात्मक तस्वीर (Photo Credits: ANI)

नयी दिल्ली, 20 अक्टूबर दिल्ली की एक अदालत ने यहां के फोरेंसिक इन्वेस्टीगेशन ऑफ क्राइम एडं साइंटिफिक सर्विसेज (सीएफएसएल) के निदेशक को उत्तर -पूर्वी दिल्ली में हुई सांप्रदायिक हिंसा से जुड़े एक मामले में इलेक्ट्रानिक आंकड़े का परीक्षण शीघ्र पूरा करने का निर्देश दिया है।

मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट फहाद उद्दीन ने जाफराबाद क्षेत्र में दंगे से जुड़े एक मामले में पुलिस से प्रक्रिया को पूरा करने और अपराध विज्ञान प्रयोगशाला के लंबित नतीजे के साथ ही पूरक आरोप पत्र दाखिल करने के लिए कदम उठाने को कहा।

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अदालत इस मामले में गिरफ्तार की गयी जवाहलाल नेहरू विश्वविद्यालय की छात्रा और पिंजड़ा तोड़ की कार्यकर्ता देवांगना कालिता के उस आवेदन पर सुनवाई कर रही थी जिसमें संशोधित नागरिकता कानून के खिलाफ प्रदर्शन के वीडियो और इस मामले में पुलिस के पास मौजूद अन्य इलेक्ट्रानिक आंकड़े की प्रतियां मांगी हैं।

पुलिस ने कहा था कि पेन ड्राइव, सीडी और डीवीडी को विशेषज्ञ की राय के लिए सीएफएसएल के पास भेजा गया है और नतीजे का इंतजार है।

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अदालत ने 19 अक्टूबर को जारी अपने आदेश कहा, ‘‘ यह निर्देश है कि सीएफएसएल, सीबीआई के निदेशक के लिए इस मामले में लंबित एफएसएल नतीजे को जल्द पूरा करने का इस अदालत से अनुरोध पत्र जारी किया जाए और यथाशीघ्र अदालत में उसे दाखिल करने के लिए कदम उठाये जाएं।’’

अदालत ने कहा, ‘‘ इस मामले के जांच अधिकारी को भी मामले (की जांच प्रक्रिया) को जल्द पूरा करने और यथाशीघ्र सीएफएसएल के लंबित नतीजे के साथ पूरक आरोपपत्र के लिए कदम उठाने का निर्देश दिया जाता है।

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