नयी दिल्ली, नौ जून दिल्ली पुलिस ने नफरत फैलाने और धार्मिक भावनाओं को आहत करने के आरोप में दो प्राथमिकयां दर्ज की हैं। एक प्राथमिकी में भाजपा की पूर्व राष्ट्रीय प्रवक्ता नुपुर शर्मा को आरोपी बनाया गया है, जबकि दूसरी प्राथमिकी में ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहाद-उल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) के प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी और विवादित पुजारी यति नरसिंहानंद समेत 31 लोगों को नामज़द किया गया है।
अधिकारियों ने बृहस्पतिवार को कहा कि सोशल मीडिया का विश्लेषण करने के बाद प्राथमिकियां दर्ज की गयी हैं।
दूसरी प्राथमिकी में दिल्ली भाजपा के मीडिया प्रकोष्ठ के पूर्व प्रमुख नवीन कुमार जिंदल, पत्रकार सबा नकवी और अन्य शामिल हैं। जिंदल को पैगंबर मोहम्मद पर अपमानजनक टिप्पणी करने के लिए पार्टी से निष्कासित कर दिया गया है।
पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, ‘‘उन लोगों के खिलाफ मामले दर्ज किए गए हैं, जिन्होंने सार्वजनिक शांति भंग करने और विभाजनकारी आधार पर लोगों को भड़काने के लिए संदेश पोस्ट तथा साझा कर रहे थे।’’
उन्होंने बताया कि भारतीय दंड संहिता की धारा 153 (दंगा भड़काने के इरादे से जानबूझकर उकसाना), 295 (किसी भी धर्म के अपमान के इरादे से प्रार्थना स्थलों का अपमान करना) और 505 (सार्वजनिक शरारत वाले बयान देना) के तहत मामले दर्ज किए गए हैं।
प्राथमिकी दर्ज होने पर प्रतिक्रिया देते हुए हैदराबाद से सांसद ओवैसी ने कहा कि वह ऐसी हरकतों से नहीं डरेंगे और नफरत फैलाने वाले भाषण की आलोचना करना और नफरती भाषण देना दोनों एक समान नहीं हो सकता है।
ओवैसी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर हमला करते हुए आरोप लगाया कि अगर वह गंभीर होते तो वह ‘फर्जी संतुलन-वाद’ में शामिल हुए बिना ही नफरती भाषण को खत्म कर चुके होते हैं।
एआईएमआईएम प्रमुख ने आरोप लगाया कि दिल्ली पुलिस द्विपक्षवाद’ और ‘संतुलनवाद’ से ग्रस्त है। उन्होंने कहा, “एक पक्ष ने खुलेआम हमारे पैगंबर का अपमान किया है जबकि दूसरे पक्ष को भाजपा समर्थकों को तुष्ट करने और यह दिखाने के लिए नामज़द किया गया है कि दोनों पक्षों की ओर से नफरतभरा भाषण दिया गया। ’’
उन्होंने बताया कि जानकारियों के लिए सोशल मीडिया मंचों को नोटिस भेजे जाएंगे।
प्राथमिकी के मुताबिक, इसमें 31 लोग नामज़द हैं। वे जानबूझकर या इसकी जानकारी होने के बावजूद नफरती का उपयोग कर रहे थे कि इस प्रकार की का उपयोग और दावा न केवल भेदभावपूर्ण है बल्कि विभिन्न धर्मों में विश्वास रखने वाले व्यक्तियों के विभिन्न समूहों के बीच शत्रुता की स्थिति पैदा करने के लिए पर्याप्त से भी अधिक है।
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