नयी दिल्ली, 30 अगस्त दिल्ली पुलिस ने मेट्रो परिसर में सुरक्षा उल्लंघन और आत्महत्याओं को रोकने के लिए डीएमआरसी को एक पत्र लिखा है। आधिकारिक सूत्रों ने शुक्रवार को यह जानकारी दी।
सूत्रों ने बताया कि पुलिस ने पत्र में दिल्ली मेट्रो रेल निगम (डीएमआरसी) से पांच बिंदुओं पर ध्यान केंद्रित करने का आग्रह किया है, जिनमें रेलवे पटरियों की निगरानी के लिए सीसीटीवी कैमरे लगाना, अंधेरा वाले स्थानों पर रोशनी की व्यवस्था, मेट्रो स्टेशन की चारदीवारी से सटे पेड़ों की शाखाओं को काटना, प्लेटफार्म और अन्य मेट्रो परिसरों में गार्ड की संख्या बढ़ाना तथा स्टेशनों पर ‘प्लेटफॉर्म स्क्रीन डोर’ (पीएसडी) लगाना शामिल है।
पत्र में इस वर्ष मार्च और अप्रैल में पूर्वी दिल्ली में यमुना बैंक मेट्रो यार्ड और शाहदरा मेट्रो स्टेशन के पास खड़ी मेट्रो ट्रेन के डिब्बों पर नारा लिए जाने के दो मामलों का हवाला दिया गया है।
इन मामलों में संदिग्ध कथित तौर पर यमुना बैंक मेट्रो यार्ड और शाहदरा मेट्रो स्टेशन पर आधी रात को घुस गए थे और पटरियों पर खड़ी गाड़ियों को रंग दिया था। मेट्रो के डिब्बों को कई रंगों के स्प्रे से रंगा गया था और उन पर ‘डेमो’ और ‘एएए’ जैसे शब्द लिख दिए गए थे।
दिल्ली पुलिस ने इस मामले में प्राथमिकी दर्ज की है, लेकिन वे अभी तक संदिग्धों को पकड़ नहीं पाए हैं क्योंकि मेट्रो के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों में किसी भी संदिग्ध की तस्वीर रिकॉर्ड नहीं हुई है।
सूत्रों के अनुसार, दिल्ली पुलिस ने पाया है कि मेट्रो की पटरियों से केबल चोरी होना भी आम बात है। कुछ दिन पहले, उत्तर-पूर्वी दिल्ली के झिलमिल मेट्रो स्टेशन पर सिग्नल केबल चोरी होने के कारण चार मेट्रो स्टेशन पर सेवाएं प्रभावित हुई थीं।
सूत्रों ने बताया कि पिछले चार वर्षों में मेट्रो पटरियों और परिसर से केबल चोरी के 200 से अधिक मामले सामने आए हैं।
नाम उजागर नहीं करने की शर्त पर एक अधिकारी ने कहा कि मेट्रो पटरियों की निगरानी के लिए सीसीटीवी कैमरे लगाने और अंधेरे स्थानों पर रोशनी की व्यवस्था करने से बेहतर परिणाम मिल सकते हैं।
उन्होंने कहा कि डिब्बों को रंगने के मामले में यह संदेह था कि अपराधियों ने पटरी पर खड़ी ट्रेन तक पहुंचने के लिए पेड़ की टहनियों का सहारा लिया था।
इस वर्ष जुलाई में, दिल्ली पुलिस ने डीएमआरसी को एक पत्र लिखकर आत्महत्या के बढ़ते मामलों की पृष्ठभूमि में शेष 120 मेट्रो स्टेशन पर ‘प्लेटफॉर्म स्क्रीन डोर’ लगाने का अनुरोध किया था।
पुलिस सूत्रों ने बताया कि दिल्ली के 190 मेट्रो स्टेशनों में से केवल 70 में ही पीएसडी लगे हैं।
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