नयी दिल्ली, 12 जुलाई दिल्ली पुलिस ने शेयर बाजार और क्रिप्टोकरेंसी में ऑनलाइन निवेश पर अच्छा मुनाफे का लालच देकर 34-वर्षीय एक इंजीनियर से करीब 12 लाख रुपये की ठगी के आरोप में जोधपुर विश्वविद्यालय के एक पूर्व छात्र को जोधपुर से गिरफ्तार किया। अधिकारियों ने शुक्रवार को यह जानकारी दी।
पुलिस ने बताया कि पीड़ित कम समय में अधिक मुनाफा पाकर प्रभावित हुआ था।
ऑनलाइन मीडिया कंपनी के लिए काम करने वाला आरोपी सुभाष बिश्नोई (24) लोगों को ठगने वाले गिरोह का हिस्सा है।
पुलिस उपायुक्त (उत्तर-पूर्व) ज्वॉय तिर्की ने बताया कि पेशे से इंजीनियर अंकित ने दो जनवरी को करीब 12 लाख रुपये की साइबर धोखाधड़ी की शिकायत दर्ज कराई थी।
अंकित ने पुलिस को बताया कि पिछले साल 31 अक्टूबर को उन्हें सोशल मीडिया पर शेयर बाजार और क्रिप्टोकरेंसी में निवेश कर कम समय में ज्यादा मुनाफा कमाने का प्रस्ताव मिला था।
अधिकारी ने बताया कि जब उन्होंने इसमें दिलचस्पी दिखाई तो उन्हें शुरुआत में 10 हजार रुपये निवेश करने की सलाह दी गई और कुछ दिनों बाद उसे 15 हजार लौटा दिये गये। अधिकारी के अनुसार, अंकित ने फिर 15 हजार रुपये निवेश किये, जिसके बदले उन्हें 20 हजार रुपये प्राप्त हुए।
जब उनका भरोसा बन गया तो जालसाज की सलाह पर उन्होंने तीन दिन के अंदर 11.93 लाख रुपये निवेश कर दिए, लेकिन इस बार उसे कुछ नहीं मिला।
पुलिस ने बताया कि शिकायत के आधार पर तत्कालीन भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 420 (धोखाधड़ी) के तहत प्राथमिकी दर्ज कर मामले की जांच शुरू की गयी थी।
अधिकारी ने बताया कि जांच के दौरान पुलिस टीम ने अपराध से अर्जित आय का पता लगाया और पाया कि ठगी की गई पूरी रकम चार अलग-अलग बैंक खातों में जमा कराई गई थी। अधिकारी के अनुसार, जोधपुर के एक निजी बैंक में भी नौ लाख रुपये जमा कराये गये थे।
उन्होंने बताया कि जालसाज ने यह रकम अन्य बैंक खातों में हस्तांतरित करने के बाद निकाल ली।
अधिकारी ने बताया, “विस्तृत जांच के बाद पुलिस टीम बैंक खाते का विवरण प्राप्त करने में सफल रही और एक व्यक्ति की पहचान की गई। छापेमारी के बाद आरोपी बिश्नोई को पकड़ लिया गया।”
उन्होंने बताया कि बिश्नोई ने कथित तौर पर अपने अपराध को कबूल कर लिया और खुलासा किया कि उसने जोधपुर विश्वविद्यालय से स्नातकोत्तर किया और एक ऑनलाइन मीडिया कंपनी में काम करने लगा।
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