नयी दिल्ली, 15 सितंबर दिल्ली के तीन ‘लैंडफिल’ से कूड़े के निस्तारण के कार्य में तेजी लाने के लिए दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) ने और एजेंसियों की सेवा लेने का फैसला लिया है। आधिकारिक सूत्रों ने शुक्रवार को यह जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि दो नयी एजेंसियों की सेवा लेने के लिए निविदा की प्रक्रिया पहले ही पूरी हो चुकी है।
सूत्रों ने बताया कि दिल्ली के तीन लैंडफिल पर काम करने के लिए तीन और एजेंसियों की सेवा ली जाएगी। उन्होंने बताया कि एक-एक एजेंसी पहले ही ओखला, गाजीपुर और भलस्वा लैंडफिल में कूड़े के प्रसंस्करण का कार्य कर रही हैं।
सूत्रों ने बताया कि पूर्वी दिल्ली के गाजीपुर लैंडफिल और दक्षिण दिल्ली के ओखला लैंडफिल में कूड़े का निस्तारण करने के लिए एजेंसी की सेवा लेने की निविदा प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। उन्होंने बताया कि एक ‘लैंडफिल’ पर कार्य करने का आदेश इस महीने जारी कर दिया जाएगा जबकि दूसरे ‘लैंडफिल’ के लिए इस तरह का आदेश अगले महीने जारी किया जाएगा।
सूत्रों ने बताया कि उत्तर-पश्चिम दिल्ली स्थित भलस्वा लैंडफिल में अतरिक्त एजेंसी को नियुक्त करने के लिए निविदा की प्रक्रिया नवंबर में पूरी होने की उम्मीद है।
नगर निगम के अधिकारियों ने जुलाई 2022 में कहा था कि गाजीपुर स्थित कूड़े के पहाड़ को खत्म करने के लिए दिसंबर 2024 का लक्ष्य रखा गया है जबकि भलस्वा में कूड़े के पहाड़ को अगले साल जुलाई तक खत्म करने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने बताया था कि ओखला लैंडफिल से कूड़े के पहाड़ को हटाने के लिए दिसंबर 2023 की समय सीमा तय की गई है।
गाजीपुर लैंडफिल में कूड़े के पहाड़ की ऊंचाई 2019 में 65 मीटर थी जो कुतुब मीनार की ऊंचाई से महज आठ मीटर कम है। गाजीपुर स्थित कूड़े का पहाड़ 2017 में ढह कर सड़क पर गिर गया था जिसकी चपेट में आकर दो लोगों की मौत हो गई थी।
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