देश की खबरें | दिल्ली के अस्पतालों ने कोविड की तैयारी की समीक्षा के लिए ‘मॉक ड्रिल’ की

नयी दिल्ली, 27 दिसंबर कोविड-19 के मामलों में बढ़ोतरी की स्थिति पैदा होने पर दिल्ली के कुछ अस्पतालों में बिस्तरों एवं चिकित्साकर्मियों की उपलब्धता समेत अन्य तैयारियों का आकलन करने के लिए मंगलवार को ‘मॉक ड्रिल’ की गई।

उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ‘मॉक ड्रिल’ की समीक्षा के लिए दिल्ली सरकार द्वारा संचालित लोकनायक जयप्रकाश नारायण (एलएनजेपी) अस्पताल आए। सिसोदिया के पास स्वास्थ्य मंत्रालय का भी प्रभार है।

सिसोदिया ने अस्पताल में संवाददाताओं से कहा, ‘‘दिल्ली सरकार हर प्रकार की आपात स्थिति के लिए तैयार है। एलएनजेपी में 200 बिस्तर हैं और इनमें से 450 कोविड-19 के मरीजों के लिए आरक्षित है। यदि आवश्यकता पड़ती है और हम सभी 2,000 बिस्तर कोविड-19 के लिए समर्पित कर सकते हैं... हम निकटवर्ती भोज कक्षों का इस्तेमाल करके इस संख्या को बढ़ा भी सकते हैं और कोविड-19 के लिए 500 अतिरिक्त बिस्तरों की व्यवस्था कर सकते हैं, ताकि कोई कमी न हो।’’

उपमुख्यमंत्री ने लोगों से कहा कि वह घबराए नहीं। उन्होंने कहा कि प्रारंभिक आंकड़े बताते हैं कि कोरोना वायरस का नया बीएफ.7 उपस्वरूप पहले स्वरूपों की तरह ही है।

उन्होंने कहा, ‘‘पहले की तुलना में ऑक्सीजन की उपलब्धता में 10 गुणा वृद्धि हुई है, पांच पीएसए (प्रेशर स्विंग ऐब्जॉर्प्शन) संयंत्र यहां स्थापित किए गए हैं और वेंटिलेटर भी उपलब्ध हैं। आज एक मॉक ड्रिल की गई कि कैसे मरीजों का इलाज किया जाएगा और उनके संक्रमित पाए जाने के पांच मिनट के भीतर किस प्रकार उन्हें उनके तय स्थान पर ले जाया जाएगा।’’

एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि सिसोदिया ने दोपहर करीब 12 बजे एलएनजेपी का दौरा किया और ‘मॉक ड्रिल’ के तहत तैयारियों की समीक्षा के लिए 30 से 40 मिनट वहां बिताए।

कुछ देशों में कोविड-19 मामलों में तेजी से वृद्धि के बीच केंद्र ने सोमवार को इस संबंध में परामर्श जारी किया था। राष्ट्रीय राजधानी में एलएनजेपी अस्पताल जैसे दिल्ली सरकार के अस्पतालों और निजी केंद्रों में यह ‘मॉक ड्रिल’ की गई।

सिसोदिया ने संवाददाताओं से कहा, ‘‘अब हमारे पास नए सिलेंडर हैं, जो कोविड की पहली लहर में खरीदे गए थे और हमारे पास ढुलाई के लिए टैंकर भी हैं। दिल्ली सरकार और हमारा स्वास्थ्य विभाग हर प्रकार की स्थिति के लिए पूरी तरह तैयार है।’’

एलएनजेपी के चिकित्सकीय निदेशक सुरेश कुमार ने कहा कि घबराने की आवश्यकता नहीं है, लेकिन लोगों को सतर्क रहना चाहिए, कोविड-19 संबंधी दिशा-निर्देशों का पालन करना चाहिए और टीकों की एहतियाती खुराक लेनी चाहिए।

‘मॉक ड्रिल’ में बिस्तरों की उपलब्धता, चिकित्साकर्मियों, रेफरल संसाधनों, जांच की क्षमता, चिकित्सकीय उपकरण एवं अन्य सामान, टेलीमेडिसिन (दूरसंचार एवं डिजिटल माध्यमों की मदद से चिकित्सा सेवा) सेवा और चिकित्सकीय ऑक्सीजन उपलब्धता समेत अन्य पहलुओं की समीक्षा की जा रही है।

अधिकारियों ने बताया कि दिल्ली सरकार के एक पोर्टल पर आमजन के लिए बिस्तर, ऑक्सीजन सिलेंडर और वेंटिलेटर की उपलब्धता का वास्तविक समय के आधार पर डेटा मंगलवार से उपलब्ध होगा।

एक अधिकारी ने कहा कि कोविड-19 संबंधी जांच में भी जल्द तेजी लाए जाने की संभावना है और इस समय शहर में रोजाना करीब 2,500 से तीन हजार नमूनों की जांच की जा रही हैं।

आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, दिल्ली में अब तक महामारी के करीब 20,07,143 मामले आ चुके हैं और 26,521 मरीजों की मौत हो चुकी है। नवंबर के मध्य से ही संक्रमण के दैनिक मामलों की संख्या 20 से कम और संक्रमण दर एक प्रतिशत से कम है।

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