वरिष्ठ पदनाम मामले में नए सिरे से प्रक्रिया शुरू करे दिल्ली उच्च न्यायालय: उच्चतम न्यायालय
उच्चतम न्यायालय ने शुक्रवार को दिल्ली उच्च न्यायालय की एक समिति को उन वकीलों को वरिष्ठ पदनाम देने के लिए नए सिरे से प्रक्रिया शुरू करने का सुझाव दिया जिनके आवेदन या तो खारिज कर दिए गए या स्थगित कर दिए गए.
नयी दिल्ली, 4 अप्रैल : उच्चतम न्यायालय ने शुक्रवार को दिल्ली उच्च न्यायालय की एक समिति को उन वकीलों को वरिष्ठ पदनाम देने के लिए नए सिरे से प्रक्रिया शुरू करने का सुझाव दिया जिनके आवेदन या तो खारिज कर दिए गए या स्थगित कर दिए गए. न्यायमूर्ति अभय एस ओका और न्यायमूर्ति उज्जल भुइयां की पीठ ने दिल्ली उच्च न्यायालय का प्रतिनिधित्व कर रहे वरिष्ठ अधिवक्ता राजशेखर राव से निर्देश लेने को कहा और सुनवाई 15 अप्रैल के लिए स्थगित कर दी.
पीठ ने कहा, “हम सुझाव दे रहे हैं कि स्थगित और अस्वीकृत उम्मीदवारों के लिए समिति इंदिरा जयसिंह फैसले के संदर्भ में नए सिरे से प्रक्रिया करे. यह सहमति बनी है. समिति का पुनर्गठन करके नए सिरे से प्रक्रिया संचालित की जानी चाहिए.” शीर्ष अदालत नवंबर 2024 में 70 वकीलों को वरिष्ठ पदनाम देने के दिल्ली उच्च न्यायालय के फैसले को कथित अनियमितताओं के आधार पर चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई कर रही थी. यह भी पढ़ें : AIIMS हॉस्टल में डॉक्टर बनकर महिला ने चुराए गहने और कैश, 100 CCTV खंगालने के बाद आरोपी तक पहुंची पुलिस
राव ने कहा कि उच्च न्यायालय शेष आवेदनों पर पूर्ण न्यायालय में विचार कर सकता है, जबकि पीड़ित याचिकाकर्ताओं की ओर से उपस्थित वकील ने कहा कि पूरी चयन प्रक्रिया ही दोषपूर्ण थी. दिल्ली उच्च न्यायालय ने 12 महिलाओं समेत 70 वकीलों को वरिष्ठ अधिवक्ता के रूप में नामित किया था. स्थायी समिति द्वारा उम्मीदवारों का मूल्यांकन करने के बाद वरिष्ठ पदनाम प्रदान किए गए थे. तीन सौ से अधिक वकीलों ने वरिष्ठ पदनाम के लिए आवेदन किया था.
(The above story first appeared on LatestLY on Apr 04, 2025 03:54 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

