नयी दिल्ली, 19 अप्रैल दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने शनिवार को कहा कि दिल्ली की जिम्मेदारी न केवल अपने निवासियों को बल्कि देशभर से यहां इलाज के लिए आने वाले लोगों को भी स्वास्थ्य सेवा उपलब्ध कराना है।
रेखा ने दिल्ली स्थित ‘इंस्टीट्यूट ऑफ लिवर एंड बिलियरी साइंसेज’ (आईएलबीएस) द्वारा आयोजित विश्व यकृत दिवस कार्यक्रम में स्वास्थ्य सेवा के बुनियादी ढांचे में सुधार पर जोर दिया।
कार्यक्रम के दौरान केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने आईएलबीएस में एक एकीकृत यकृत पुनर्वास केंद्र का उद्घाटन किया।
स्वास्थ्य सेवा के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने और चिकित्सा प्रौद्योगिकी को उन्नत करने के महत्व पर प्रकाश डालते हुए गुप्ता ने कहा, ‘‘यह सुनिश्चित करना हमारी जिम्मेदारी है कि देश में कोई भी नागरिक स्वास्थ्य सेवा की कमी के कारण परेशान न हो।’’
उन्होंने कहा, ‘‘दिल्ली, राजधानी होने के नाते, केवल अपने निवासियों के इलाज तक ही सीमित नहीं रह सकती। पूरे भारत से मरीज यहां इलाज के लिए आते हैं।’’
दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री पंकज सिंह और अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी विश्व यकृत दिवस कार्यक्रम में शामिल हुए।
मुख्यमंत्री ने स्वास्थ्य सेवा में सुधार के लिए सामूहिक प्रयासों की आवश्यकता पर बल दिया और आयुष्मान भारत योजना जैसी केंद्रीय योजनाओं की प्रशंसा की, जो अब दिल्ली के लोगों के लिए उपलब्ध है।
उन्होंने कहा, ‘‘हमारे बुजुर्ग, विशेषकर 70 वर्ष से अधिक आयु के लोग हमारी जिम्मेदारी हैं। उनके स्वास्थ्य का ध्यान रखना हमारा कर्तव्य है।’’
गुप्ता ने कहा कि देश में अंगदान के बारे में और अधिक जागरूकता की आवश्यकता है।
इस मौके पर दिल्ली के उपराज्यपाल सक्सेना ने कहा कि मुख्यमंत्री गुप्ता के नेतृत्व में स्वास्थ्य सेवा सरकार के नीतिगत एजेंडे का मुख्य हिस्सा बन गई है।
उन्होंने कहा, ‘‘राजधानी होने के नाते दिल्ली को स्वास्थ्य सेवा नवाचार और वितरण में अग्रणी होना चाहिए। पिछली नीतिगत खामियों के कारण हम पीछे रह गए, लेकिन वर्तमान सरकार ने कड़ी मेहनत की है और आगे भी और काम करती रहेगी।’’
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