देश की खबरें | एक हजार बिस्तरों वाला अस्थायी अस्पताल बनाने की योजना पर काम कर रही दिल्ली सरकार
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नयी दिल्ली, 13 जून अरविंद केजरीवाल सरकार कोरोना वायरस संक्रमण के बढ़ते मामलों में मद्देनजर दक्षिणी दिल्ली में विशाल तंबू में कोरोना वायरस रोगियों के लिये 10 हजार बिस्तरों वाला अस्थायी अस्पताल तैयार करने की योजना बना रही है।

यह प्रस्तावित अस्पताल आध्यात्मिक संगठन स्वामी सत्संग ब्यास के दक्षिणी दिल्ली स्थित परिसर में स्थापित किया जाएगा।

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राधा स्वामी सत्संग, भाटी माइंस के सचिव विकास सेठी ने कहा कि संगठन का हरा-भरा परिसर दिल्ली-हरियाणा सीमा के नजदीक स्थित है। कोविड-19 अस्पताल की लंबाई 1700 फुट जबकि चौड़ाई 700 फुट होगी।

उन्होंने कहा कि यह इस तरह का दिल्ली का सबसे बड़ा अस्थायी अस्पताल होगा। जून के अंत तक इसका काम पूरा होने की उम्मीद है।

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सेठी ने कहा कि धातु के तंबुओं में बत्तियां और पंखे लगा दिये गए हैं। गर्मी को देखते हुए कूलरों की जरूरत पड़ेगी। परिसर में स्थित भवन में चिकित्सा कर्मियों को भी ठहराया जा सकता है।

संगठन ने दो-तीन दिन पहले अपने परिसर में अस्थायी अस्पताल बनाने की अनुमति दी थी।

दिल्ली सरकार के अनुमान के अनुसार जुलाई के अंत तक राष्ट्रीय राजधानी में कोविड-19 रोगियों की संख्या पांच लाख से अधिक हो सकती है। कोविड-19 रोगियों के लिये लगभग एक लाख बिस्तरों की जरूरत पड़ेगी।

फिलहाल दिल्ली में राज्य सरकार, केन्द्र सरकार और निजी अस्पातलों में कोविड-19 के लिए समर्पित कुल 9,647 बिस्तरों की व्यवस्था है। इनमें से 5,402 पर रोगी भर्ती हैं।

इसके अलावा दिल्ली सरकार ऐसे समुदाय भवनों और स्टेडियमों की भी पहचान शुरू कर दी है, जिन्हें अस्थायी कोविड-19 अस्पताल बनाया जा सकता है।

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