नयी दिल्ली, 18 दिसंबर दिल्ली सरकार ने डीएमआरसी को पत्र लिखकर मेट्रो ट्रेन के दरवाजे में साड़ी फंसने के कारण प्लेटफार्म पर घिसटने से एक महिला की मौत के मामले में विस्तृत रिपोर्ट मांगी है। परिवहन मंत्री कैलाश गहलोत ने सोमवार को यह जानकारी दी।
यह घटना बृहस्पतिवार को यहां इंद्रलोक मेट्रो स्टेशन पर हुई। घटना में गंभीर रूप से घायल 35 वर्षीय रीना की शनिवार को उपचार के दौरान मौत हो गई।
घटना के बाद, दिल्ली मेट्रो रेल निगम (डीएमआरसी) ने घोषणा की कि मेट्रो रेलवे सुरक्षा आयुक्त मामले की जांच करेंगे।
गहलोत ने दिल्ली विधानसभा के बाहर पत्रकारों से कहा, ‘‘हमने डीएमआरसी के एमडी को पत्र लिखकर रिपोर्ट सौंपने के लिए कहा है। हमने उनकी मुआवजा नीति के बारे में भी विवरण मांगा है। डीएमआरसी को (पीड़ित परिवार के) पुनर्वास के लिए कदम उठाना चाहिए।’’
रीना के पति की करीब सात साल पहले मौत हो गई थी। उनके परिवार में एक बेटा और एक बेटी है।
मंत्री ने डीएमआरसी को भेजे गए पत्र की प्रति ‘एक्स’ पर साझा करते हुए कहा, ‘‘इंद्रलोक मेट्रो स्टेशन पर 14 दिसंबर को 35 वर्षीय एक महिला का कपड़ा मेट्रो ट्रेन के दरवाजे में फंसने के बाद ट्रेन उसे कई मीटर तक घसीटती ले गई थी, जिससे महिला की मौत हो गई। इस घटना ने डीएमआरसी के सुरक्षा तंत्र की प्रभावकारिता के बारे में चिंता बढ़ा दी है।’’
उन्होंने कहा, ‘‘मेट्रो रेलवे के सुरक्षा आयुक्त की जांच रिपोर्ट की एक प्रति मेरे साथ साझा की जाए।’’
गहलोत ने कहा कि मृत महिला एक गरीब विधवा थी और उनका 10 साल का बेटा और 12 साल की बेटी है।
मंत्री ने कहा, ‘‘मीडिया में खबर आई है कि सभी रिश्तेदार अनाथ बच्चों को गोद लेने से झिझक रहे हैं, क्योंकि वे स्वयं आर्थिक रूप से विवश हैं। ऐसे में, यह आवश्यक है कि अनाथ बच्चों को पर्याप्त वित्तीय सहायता दी जाए, ताकि उनकी शिक्षा और अन्य आवश्यकताएं पूरी हो सकें।’’
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