नयी दिल्ली, छह फरवरी केंद्रीय आवासन और शहरी कार्य मंत्री मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने सोमवार को राज्यसभा को बताया कि दिल्ली सरकार दिल्ली-एसएनबी (शाहजहांपुर-नीमराना-बहरोड) और दिल्ली-पानीपत क्षेत्रीय रैपिड परिवहन प्रणाली (आरआरटीएस) गलियारों के लिए वित्तीय सहायता प्रदान करने पर सहमत नहीं हुई है।
पुरी ने एक प्रश्न के लिखित उत्तर में उच्च सदन को बताया कि मंजूरी के अभाव में दोनों गलियारों को केंद्र सरकार ने मंजूरी नहीं दी है, इसलिए ‘‘गलियारों के पूरा होने में देरी का सवाल ही नहीं उठता’’।
राज्यसभा सदस्य कार्तिकेय शर्मा ने सवाल पूछा था कि अलवर-दिल्ली-पानीपत रैपिड रेल परियोजना की वर्तमान स्थिति क्या है और क्या परियोजना के पूरा होने में देरी हो रही है?
पुरी ने इसके जवाब में कहा, ‘‘दिल्ली-पानीपत क्षेत्रीय परिवहन प्रणाली कॉरिडोर के लिए हरियाणा सरकार के अनुमोदन और वित्तीय प्रतिबद्धता के साथ विस्तृत परियोजना रिपोर्ट और दिल्ली-एसएनबी आरआरटीएस कॉरिडोर, जो दिल्ली-अलवर आरआरटीएस कॉरिडोर का हिस्सा है, के लिए हरियाणा सरकार और राजस्थान सरकार की वित्तीय प्रतिबद्धता के साथ अनुमोदन प्राप्त हो गया है। हालांकि राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली सरकार ने वित्तीय सहायता प्रदान करने के लिए सहमति प्रदान नहीं की है।’’
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र योजना बोर्ड (एनसीआीपीबी) ने दो अन्य आरआरटीएस कॉरिडोर की पहचान की है। इनमें हरियाणा राज्य से गुजरने वाले दिल्ली-फरीदाबाद बल्लभगढ़-पलवल और दिल्ली-बहादुरगढ़-रोहतक शामिल है।
पुरी ने यह भी बताया कि रेल मंत्रालय ने सूचित किया है हरियाणा राज्य से गुजरने वाली दो परियोजनाओं के लिए सर्वेक्षण स्वीकृत किए गए हैं। इनमें दिल्ली-आगरा एलिवेटेड हाई स्पीड आरआरटीएस और दिल्ली-रेवाड़ी-जयपुर (220 किलोमीटर प्रति घंटा) आरआरटीएस शामिल है।
आरआरटीएस परियोजनाओं को लागू करने वाले एनसीआरटीसी के अनुसार, दिल्ली-पानीपत आरआरटीएस कॉरिडोर का उद्देश्य दिल्ली को हरियाणा के मुरथल, गन्नौर, समालखा और पानीपत जैसे शहरों से जोड़ना है।
मुरथल डिपो स्टेशन सहित 17 स्टेशनों के साथ कॉरिडोर की कुल लंबाई 103 किलोमीटर होनी है। कॉरिडोर सराय काले खां से शुरू होगा और पानीपत डिपो पर समाप्त होगा।
दिल्ली-गुरुग्राम-एसएनबी-अलवर आरआरटीएस कॉरिडोर के बारे में एनसीआरटीसी के एक अधिकारी ने कहा कि कॉरिडोर हरियाणा और राजस्थान के औद्योगिक क्षेत्रों से होकर गुजरेगा।
इससे दिल्ली और गुरुग्राम से मानेसर, बावल और नीमराना के क्षेत्रों में आने-जाने वाले यात्रियों की उत्पादकता में वृद्धि होने की उम्मीद है।
कॉरिडोर का निर्माण मुख्य रूप से राष्ट्रीय राजमार्ग के किनारे किया जाना है, जो तीन चरणों में किया जाएगा।
पहले चरण के तहत, दिल्ली में सराय काले खां से एसएनबी अर्बन कॉम्प्लेक्स (शाहजहांपुर-नीमराना-बहरोड़) तक 107 किलोमीटर का निर्माण किया जाएगा, जो बावल (हरियाणा) से ठीक आगे है। यह गुरुग्राम, मानेसर, पंचगांव, रेवाड़ी जैसे विभिन्न क्षेत्रीय नोड्स को कवर करेगा।
दूसरे चरण के तहत इस लाइन को एसएनबी से सोतानाला (33.3 किमी) तक बढ़ाया जाएगा, जिसके बीच में शाहजहांपुर, नीमराना और बहरोड़ होंगे। तीसरे चरण के तहत एसएनबी से अलवर (58 किमी) विस्तार प्रस्तावित है।
ब्रजेन्द्र
(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)













QuickLY