नयी दिल्ली, सात जुलाई दिल्ली सरकार श्रावण मास में कांवड़ लाने वालों के लिए वाटरप्रूफ तंबू, शौचालयों और स्वच्छ जल की सुविधा वाली 200 कांवड़ शिविर स्थापित कर रही है।
आधिकारिक बयान के अनुसार, दिल्ली सरकार में राजस्व मंत्री आतिशी ने शुक्रवार को सरकार द्वारा महाराजा अग्रसेन पार्क, कश्मीरी गेट पर लगाए जा रहे शिविरों की समीक्षा की।
उन्होंने बताया, ‘‘श्रावण के महीने में शिवभक्तों की सेवा करना सदाचार और भक्ति की बात है। इस दिशा में केजरीवाल सरकार कांवड़ियों को सभी सुविधाएं उपलब्ध करवा कर अपनी जिम्मेदारी निभा रही है।’’
बयान के अनुसार, कश्मीरी गेट पर लगाए गए कांवड़ शिविर में 10,000 तक कांवड़िए विश्राम कर सकते हैं। बयान में कहा गया है कि यहां कावड़ियों के प्रसाद ग्रहण के लिए बड़ा भोजन कक्ष भी तैयार किया गया है।
आतिशी ने कहा, ‘‘इस साल दिल्ली में 200 कांवड़ शिविर लगाए जा रहे हैं जहां कांवड़ियों के लिए तमाम सुविधाएं उपलब्ध होंगी। इनमें वाटरप्रूफ तंबू, विश्राम की व्यवस्था, स्वच्छ जल, शौचालय और अन्य चीजें शामिल हैं। कांवड़ रखने के लिए विशेष स्टैंड भी बनाए जा रहे हैं।’’
मंत्री ने कहा कि प्रत्येक कांवड़ शिविर में डॉक्टरों और नर्सों के साथ चिकित्सा सुविधा भी उपलब्ध है ताकि जरूरत पड़ने पर तत्काल चिकित्सा की जा सके। उन्होंने कहा कि कांवड़ियों की सुविधा के लिए स्थानीय डिस्पेंसरी को कांवड़ शिविरों से जोड़ा गया है।
मंत्री ने कहा, आपात स्थिति के लिए सीएटीएस एम्बुलेंस तैयार रहेंगी और अस्पतालों से कांवड़ियों के इलाज के लिए समुचित व्यवस्था करने को कहा गया है।
आतिशी ने अधिकारियों और जिला प्रशासन को सतर्क रहने और कांवड़ियों के लिए सभी सुविधाएं तथा उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करने को कहा है।
पूर्वी दिल्ली, उत्तरी-पूर्वी दिल्ली और शाहदरा जिलों में कुल 85 शिविर लगाए जा रहे हैं जहां से कांवड़ियों का आना-जाना होता है।
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