नयी दिल्ली, दो जून दिल्ली के पर्यावरण मंत्री गोपाल राय ने बृहस्पतिवार को कहा कि अरविंद केजरीवाल नीत सरकार ने लैंडफिल (कूड़े के पहाड़ों) स्थलों पर आग लगने की घटनाओं को रोकने के लिए नौ सूत्री कार्य योजना तैयार की है। इसमें लैंडफिल स्थलों पर कूड़ा बीनने वालों के प्रवेश को प्रतिबंधित करना और आसपास की सड़कों का निर्माण शामिल है ताकि दमकल की गाड़ियां पहुंच सकें।
राय ने कहा कि दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति और दिल्ली नगर निगम के अधिकारियों को सड़े हुए कचरे से मीथेन गैस पर काबू के लिए मुंबई में स्थापित प्रणाली का अध्ययन करने और इसे राष्ट्रीय राजधानी में लगाने के लिए कहा गया है ताकि लैंडफिल स्थलों पर आग लगने की घटनाओं को रोका जा सके।
लैंडफिल में डाला जाने वाला गीला कचरा सड़ने पर मीथेन गैस पैदा करता है। गर्मी के मौसम में मीथेन अपने आप आग पकड़ लेती है और वह आग फैल जाती है क्योंकि कूड़े में कपड़ा और प्लास्टिक जैसी सामग्री होती है।
कार्य योजना के तहत, अत्यधिक ज्वलनशील मीथेन गैस के संचय को रोकने के लिए लैंडफिल स्थल पर छिद्रित पाइप लगाए जाएंगे।
उन्होंने कहा कि लैंडफिल स्थलों पर जाने वाली गाड़ियों में ‘स्पार्क अरेस्टर’ नामक उपकरण लगाए जाएंगे जो इंजन से निकलने वाले गर्म कणों को रोकेंगे।
राय ने कहा कि इन स्थलों पर कूड़ा बीनने वालों को प्रतिबंधित किया जाएगा और अनाधिकार प्रवेश रोकने के लिए चार दीवारी की जाएगी।
इन स्थलों पर ‘सक्शन-कम-जेटिंग मशीन’ लगाना, 50,000 लीटर क्षमता का भूमिगत जलाशय बनाना और दमकल की गाड़ियों के लिए आसपास की सड़कों का निर्माण भी कार्य योजना में शामिल है।
मंत्री ने कहा कि दिल्ली आपदा प्रबंधन प्राधिकरण आग की घटनाओं को रोकने के लिए एक मानक संचालन प्रक्रिया तैयार करेगा।
(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)













QuickLY