नयी दिल्ली, 29 जनवरी दिल्ली उच्च न्यायालय ने राष्ट्रीय जन स्वास्थ्य बीमा योजना 'आयुष्मान भारत' में आयुर्वेद, योग और प्राकृतिक चिकित्सा को शामिल करने के अनुरोध वाली याचिका सोमवार को खारिज कर दी।
याचिकाकर्ता अधिवक्ता अश्विनी कुमार उपाध्याय की ओर से किसी भी वकील के उपस्थित नहीं होने के बाद कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश मनमोहन की अध्यक्षता वाली पीठ ने यह आदेश पारित किया।
पीठ ने कहा, ''मामले पर संज्ञान लेने के बाद भी याचिकाकर्ता की ओर से कोई भी पेश नहीं हुआ, जिसके परिणामस्वरूप याचिका को खारिज किया जाता है।''
पीठ में न्यायमूर्ति मनमीत पीएस अरोड़ा भी शामिल थे।
उच्च न्यायालय ने पिछले वर्ष दो नवंबर को केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, आयुष, वित्त व गृह मंत्रालय और दिल्ली सरकार को नोटिस जारी करके जनहित याचिका के जवाब में अपने-अपने हलफनामे दाखिल करने को कहा था।
याचिका में नागरिकों के स्वास्थ्य के अधिकार को सुरक्षित करने के लिए राष्ट्रीय स्वास्थ्य संरक्षण मिशन, प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (पीएम-जेएवाई) यानी आयुष्मान भारत में आयुर्वेद, योग और प्राकृतिक चिकित्सा को शामिल करने का अनुरोध किया गया था।
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