Jodhpur: मशहूर कथावाचक साध्वी प्रेम बाईसा की संदिग्ध मौत; सुसाइड नोट में 'अग्नि परीक्षा' और ब्लैकमेलिंग का जिक्र
साध्वी प्रेम बाईसा (Photo Credits: X/@sachinguptaup)

जोधपुर: राजस्थान (Rajasthan) की जानी-मानी धार्मिक कथावाचक साध्वी प्रेम बाईसा (Sadhvi Prem Baisa) की बुधवार शाम जोधपुर स्थित उनके आश्रम में संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई. घटना के करीब चार घंटे बाद उनके इंस्टाग्राम अकाउंट से एक सुसाइड नोट (Suicide Note) पोस्ट हुआ, जिसने इस मामले को और उलझा दिया है. पुलिस ने फिलहाल इसे 'संदिग्ध मौत' (Suspicious Death) मानकर जांच शुरू कर दी है और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है.

साध्वी के सोशल मीडिया हैंडल से साझा किए गए नोट में उनके भावनात्मक तनाव और मानहानि का जिक्र है. नोट में लिखा है कि वे अपनी बेगुनाही साबित करने के लिए 'अग्नि परीक्षा' देना चाहती थीं और इसके लिए उन्होंने धार्मिक गुरुओं से अनुमति भी मांगी थी.

पुलिस इस बात की तकनीकी जांच कर रही है कि यह पोस्ट साध्वी ने खुद 'शेड्यूल' किया था या उनकी मौत के बाद किसी और ने इसे साझा किया है. प्राथमिक जानकारी के अनुसार, साध्वी को बुखार था और आश्रम में इंजेक्शन लेने के कुछ देर बाद वे बेहोश होकर गिर गईं. यह भी पढ़ें: Satna Shocker: बीजेपी नेता पुलकित टंडन पर ब्यूटी पार्लर संचालिका और उसकी मां से मारपीट का आरोप, वीडियो वायरल होने के बाद FIR दर्ज

जोधपुर में साध्वी प्रेम बैसा संदिग्ध परिस्थितियों में मृत पाई गईं

क्या था वायरल वीडियो विवाद? (जुलाई 2025)

साध्वी प्रेम बाईसा पिछले साल जुलाई में तब सुर्खियों में आई थीं, जब उनका एक कथित आपत्तिजनक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था.

  • साध्वी का पक्ष: उन्होंने बोरानाडा थाने में FIR दर्ज कराते हुए स्पष्ट किया था कि वीडियो में दिख रहे व्यक्ति उनके पिता और आध्यात्मिक गुरु वीरमनाथ (गुरुजी) थे. यह क्लिप 2021 की थी जब वे डिप्रेशन का शिकार थीं.
  • ब्लैकमेलिंग का आरोप: साध्वी ने आरोप लगाया था कि उनके पूर्व कर्मचारी जोगेंद्र उर्फ जोगाराम ने सीसीटीवी फुटेज से यह वीडियो चोरी किया और उनसे 20 लाख रुपये की फिरौती मांगी. पैसे न देने पर वीडियो को एडिट कर वायरल कर दिया गया, जिससे उनके कई 'भागवत कथा' कार्यक्रम रद्द हो गए थे.

पुरानी रंजिश और मानसिक तनाव

इस मामले में पुलिस ने 20 जुलाई 2025 को जोगेंद्र को गिरफ्तार किया था, जो बाद में जमानत पर बाहर आ गया था. साध्वी ने आरोप लगाया था कि आरोपी और उसके साथी लगातार उनका चरित्र हनन कर रहे थे. उनकी मौत के बाद सामने आए सुसाइड नोट ने इन पुराने जख्मों को फिर से ताजा कर दिया है.

पुलिस की कार्रवाई और पोस्टमार्टम

जोधपुर पुलिस के अनुसार, मौत के सही कारणों का पता गुरुवार को होने वाले पोस्टमार्टम के बाद ही चल पाएगा. पुलिस आश्रम के स्टाफ, साध्वी के मोबाइल फोन के रिकॉर्ड और सुसाइड नोट की सत्यता की जांच कर रही है. अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और विसरा जांच के बाद ही स्पष्ट होगा कि यह आत्महत्या है या इसके पीछे कोई और कारण.