नयी दिल्ली, 18 जनवरी दिल्ली की एक अदालत ने कथित उर्वरक घोटाले से जुड़े धन शोधन के मामले में मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ के भांजे रतुल पुरी को बुधवार को जमानत दे दी।
इस कथित घोटाले में 685 करोड़ रुपये के लेन-देन का आरोप है।
विशेष न्यायाधीश विकास धुल ने पुरी के अदालत में पेश होने पर उन्हें राहत दी। अदालत ने इस मामले में दाखिल पूरक आरोपपत्र पर संज्ञान लेते हुए 23 दिसंबर को पुरी के खिलाफ सम्मन जारी किया था।
बुधवार को सुनवाई के दौरान न्यायालय ने संज्ञान लिया कि पुरी को जांच के दौरान गिरफ्तार नहीं किया गया था और इस चरण में उन्हें हिरासत में लेने से कोई मकसद पूरा नहीं होगा।
हालांकि, प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के विशेष लोक अभियोजक नितेश राणा ने पुरी की जमानत याचिका का विरोध किया और दावा किया किया कि आरोपी के न्याय की जद से भागने की आशंका है। राणा ने कहा कि पुरी मामले के गवाहों को प्रभावित कर सकते हैं और सबूतों से छेड़छाड़ भी कर सकते हैं।
पुरी को सम्मन जारी करते हुए न्यायाधीश ने कहा था कि पहली नजर में उनके खिलाफ मुकदमा चलाने के लिए पर्याप्त साक्ष्य हैं।
पुरी ‘अगस्तावेस्टलैंड हेलीकॉप्टर घोटाला’ और ‘मोजर बियर घोटाला’ से जुड़े मामलों में भी आरोपी हैं। फिलहाल वह जमानत पर जेल से बाहर हैं।
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