नयी दिल्ली, 31 जुलाई दिल्ली के कैबिनेट मंत्रियों ने ‘ओल्ड’ राजेंद्र नगर कोचिंग सेंटर प्रकरण के मद्देनजर सिविल सेवा के अभ्यर्थियों की शिकायतों पर चर्चा करने के लिए बुधवार को उनसे मुलाकात की। इस प्रकरण में तीन विद्यार्थियों की मौत हो गयी थी।
दिल्ली की शिक्षा मंत्री आतिशी, शहरी विकास मंत्री सौरभ भारद्वाज, विकास मंत्री गोपाल राय और महापौर शैली ओबरॉय ने दिल्ली सचिवालय में इन विद्यार्थियों के साथ बातचीत की।
आतिशी ने ‘पीटीआई वीडियो’ से कहा, ‘‘ हमने ओल्ड राजेंद्र नगर, नेहरू विहार जैसे विभिन्न कोचिंग सेंटर के प्रतिनिधियों के साथ बैठक की। विद्यार्थियों ने अपनी चिंताएं, ऊंची फीस, कोचिंग सेंटर में बुनियादी ढांचे के अभाव के बारे में फीडबैक हमारे सामने रखे। उन्होंने इस बारे में भी अपनी चिंता हमारे सामने रखी कि ऊंचे किराये एवं ब्रॉकरेज (दलाली) शुल्क के रूप में किस तरह शोषण किया जा रहा है।’’
मंत्री ने कहा कि विद्यार्थियों ने खान-पान की सुविधाओं की दिक्कत भी उनके सामने रखी। उन्होंने कहा कि उनकी शिकायतों को दिल्ली सरकार द्वारा बनाये जाने वाले विनियमन में शामिल किया जाएगा।
उससे पहले दिन में आतिशी ने घोषणा की थी कि दिल्ली सरकार राष्ट्रीय राजधानी में कोचिंग सेंटर का विनियमन करने के लिए एक कानून लायेगी।
उन्होंने कहा, ‘‘हमने यूपीएससी अभ्यर्थियों को आश्वासन दिया है कि उनकी शिकायतों को शामिल किया जाएगा। छात्र प्रमुख हितधारक हैं और वे दिशानिर्देश तैयार करने के लिए गठित समिति का हिस्सा होंगे।’’
आतिशी ने कहा कि दिल्ली सरकार के प्रतिनिधि प्रदर्शनकारी विद्यार्थियों से भेंट करेंगे।
‘ओल्ड’ राजेंद्र नगर इलाके में 27 जुलाई शाम में एक कोचिंग सेंटर की इमारत के 'बेसमेंट' में बारिश का पानी भर जाने के कारण तीन सिविल सेवा अभ्यर्थियों की मौत हो गयी थी।
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