देश की खबरें | दिल्ली: कम मासिक किस्त पर मोबाइल बेचने का झांसा देकर 2500 लोगों को चूना लगाने वाला गिरफ्तार
एनडीआरएफ/प्रतीकात्मक तस्वीर (Photo Credits: ANI)

नयी दिल्ली, 16 अगस्त फर्जी वेबसाइट के जरिये ढाई हजार से अधिक लोगों को मासिक किस्त पर मोबाइल फोन बेचने का झांसा देकर चूना लगाने के आरोप में 32 वर्षीय एक व्यक्ति को गाजियाबाद से गिरफ्तार किया गया है।

पुलिस ने बुधवार को यह जानकारी दी।

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आरोपी जितेंद्र सिंह ने पुलिस के सामने खुलासा किया कि उसने अपने साथियों- प्रवीण कुमार और रजत शुक्ला के साथ मिलकर लोगों को मासिक किस्त पर मोबाइल देने का झांसा देकर धोखाधड़ी की।

पुलिस ने कहा कि आरोपी मोबाइल देने के नाम पर लोगों से कुछ पैसे ऐंठ कर चंपत हो जाते थे।

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उन्होंने कहा कि सिंह ने स्वीकार किया कि इस प्रकार उसने देशभर में ढाई हजार से अधिक लोगों को चूना लगाया।

पुलिस ने कहा कि सिंह के सहयोगी कुमार और शुक्ला की तलाश जारी है।

पुलिस ने कहा कि मामला प्रकाश में तब आया जब इरफान खान नामक एक व्यक्ति की शिकायत पर नौ जनवरी को जांच शुरू की गई।

खान ने शिकायत दर्ज कराई थी कि पिछले साल दिसंबर में वह मोबाइल फोन खरीदना चाहता था और इस दौरान उसे बेहद कम मासिक किस्त पर मोबाइल बेचने वाली एक वेबसाइट का पता चला।

शिकायत के अनुसार खान ने मोबाइल खरीदने के वास्ते ‘वर्चुअल प्राइवेट एड्रेस’ (वीपीए) के जरिये पहली बार 1,499 रुपये और इसके बाद तीन बार में 5,998 रुपये जमा किए।

खान द्वारा भुगतान किए जाने के बावजूद न तो उसे मोबाइल मिला न पैसे वापस किए गए।

पुलिस उपायुक्त (दक्षिण पूर्व) आर पी मीणा ने कहा कि जांच के दौरान वेबसाइट पर दिए गए मोबाइल नंबरों की पड़ताल की गई जिसमें पता चला कि एक फोन नंबर रजत शुक्ला के नाम पर दर्ज है।

वीपीए की जांच से पता चला कि वह रजत शुक्ला के बैंक खाते से जुड़ा हुआ है।

मीणा ने कहा कि बैंक खाते के विवरण के अनुसार पैसा सिंह के खाते में अंतरित किया गया था।

उन्होंने कहा कि सिंह को गाजियाबाद स्थित उसके घर से मंगलवार को गिरफ्तार किया गया और अपराध में प्रयुक्त हुए दो मोबाइल फोन बरामद किए गए।

पूछताछ के दौरान सिंह ने खुलासा किया कि पिछले दो साल में उसने अपने सहयोगियों के साथ मिलकर तीन फर्जी वेबसाइट बनाई और लोगों को चूना लगाया।

डीसीपी ने कहा कि आरोपी मोबाइल फोन का दाम दो हजार से आठ हजार तक रखते थे ताकि धोखे का शिकार हुआ व्यक्ति पुलिस के पास न जाए।

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