मुंबई, 28 जून मुस्लिम नेताओं के एक प्रतिनिधिमंडल ने बुधवार को मुंबई में शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख उद्धव ठाकरे से मुलाकात की और इसके बाद कहा कि अगर केंद्र सरकार समान नागरिक संहिता (यूसीसी) लागू करती है तो इसका असर केवल मुसलमानों पर नहीं बल्कि सभी समुदायों पर पड़ेगा।
प्रतिनिधिमंडल के एक सदस्य ने दावा किया कि ठाकरे ने उन्हें मामले पर गौर करने का आश्वासन दिया है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को भोपाल में भाजपा कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए यूसीसी की जोरदार वकालत की थी और कहा था कि इस संवेदनशील मुद्दे पर मुसलमानों को भड़काया जा रहा है।
ठाकरे से मुलाकात करने वाले प्रतिनिधिमंडल में शामिल ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड (एआईएमपीएलबी) के सदस्य मौलाना महमूद दरियाबादी ने कहा कि वे इस मुद्दे पर महाराष्ट्र में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेताओं से भी मिलेंगे।
उन्होंने कहा कि भारत में विभिन्न समुदायों में 300 से अधिक व्यक्तिगत कानून मौजूद हैं।
उन्होंने पत्रकारों से कहा, “अगर यूसीसी लागू होता है, तो ये सभी कानून प्रभावित होंगे और विभिन्न समुदायों को भी नुकसान होगा।”
दरियाबादी ने कहा कि मुस्लिम समुदाय के नेताओं का एक प्रतिनिधिमंडल यूसीसी मुद्दे को लेकर पहले ही कुछ राजनीतिक दलों से मुलाकात करके अपनी चिंताओं से अवगत करा चुका है।
पिछले सप्ताह शिवसेना (यूबीटी) के पदाधिकारियों को संबोधित करते हुए ठाकरे ने पूछा था कि यूसीसी के कार्यान्वयन से हिंदुओं पर प्रतिकूल प्रभाव तो नहीं पड़ेगा।
उन्होंने पूछा था, “हम सभी के लिए समान नागरिक संहिता का स्वागत करते हैं लेकिन इससे हिंदुओं पर प्रतिकूल प्रभाव तो नहीं पड़ेगा? यदि वे (भाजपा) पूरे देश में गोहत्या पर प्रतिबंध लागू नहीं कर सके, तो यूसीसी कैसे लागू किया जा सकता है?”
जोहेब पवनेश
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