जरुरी जानकारी | जीईएम पोर्टल पर देरी से भुगतान करने वाले खरीदार को देना होगा ब्याज

नयी दिल्ली, तीन जुलाई सरकारी ई-मार्किट मंच (जीईएम) से सामान और सेवाओं की खरीद करने वाले सरकारी विभाग और एजेंसियां यदि विक्रेता को देरी से भुगतान करतीं है तो उन्हें ऐसे मामलों में एक प्रतिशत की दर से ब्याज का भुगतान करना होगा। व्यय विभाग ने यह कहा है।

हालांकि, इस प्रकार मिलने वाले ब्याज की राशि को जेम एक अलग खाते में रखेगा।

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सरकार बार-बार विक्रेताओं को, विशेषकर एमएसएमई क्षेत्र के विक्रेताओं को त्वरित भुगतान किये जाने की आवश्यकता पर जोर देती रही है।

सरकारी ई-मार्केटप्लेस (जीईएम) पर की गई खरीद के लिए, खरीदारों को जीईएम पर रसीद और स्वीकृति प्रमाणपत्र (सीआरएसी) निकलने के बाद 10 दिनों के भीतर भुगतान करना होता है।

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इसके अलावा, विभाग ने एक कार्यालय ज्ञापन में कहा कि ब्याज से प्राप्त राशि को जीईएम की देखरेख वाले खाते में रखा जायेगा

ये शर्तें इस साल एक अक्टूबर से होने वाली सभी खरीद के लिए लागू होंगी।

वित्त मंत्री निर्मल सीतारमण के कार्यालय ने ट्वीट किया, ‘‘विक्रेताओं को विशेष रूप से एमएसएमई के ​​भुगतान में अधिक अनुशासन और समयबद्धता को बढ़ावा देने के लिए, सरकार ने सरकारी ई-मार्केटप्लेस पर विक्रेताओं को देर से भुगतान पर ब्याज लगाने का आदेश जारी किया है।’’

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