पणजी, 15 जुलाई गोवा विधानसभा के अध्यक्ष रमेश तावड़कर ने शुक्रवार को कहा कि ‘‘तकनीकी कारणों’’ के चलते सदन में नए नेता प्रतिपक्ष की नियुक्ति में देरी हो रही है।
कांग्रेस ने रविवार को माइकल लोबो को 40 सदस्यीय विधानसभा के नेता प्रतिपक्ष के पद से हटा दिया था। पार्टी ने राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री दिगंबर कामत और लोबो पर राज्य में सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के साथ मिलकर ‘‘साजिश रचने और मिलीभगत’’ करने का आरोप लगाया था, ताकि पार्टी के विधायकों में फूट डाली जा सके। हालांकि, लोबो अपने पद पर बने रहे।
लोबो, कामत और कांग्रेस के तीन अन्य विधायक, जिनसे सम्पर्क ना हो पाने का पार्टी ने रविवार को दावा किया था, वे सोमवार को सुबह विधानसभा के मानसून सत्र में शामिल हुए और दावा किया कि विपक्षी दल में कोई विवाद नहीं है।
तावड़कर ने विधानसभा परिसर में पत्रकारों से कहा, ‘‘ कुछ तकनीकी कारण हैं, जिन पर उन्होंने (कांग्रेस ने) मुझसे चर्चा की है। यही कारण है कि नए नेता प्रतिपक्ष की नियुक्ति नहीं हो सकी।’’
हालांकि, उन्होंने मामले पर विस्तृत रूप से कोई जानकारी नहीं दी।
गोवा प्रदेश कांग्रेस समिति के अध्यक्ष अमित पाटकर ने विधानसभा अध्यक्ष को पत्र लिखकर जानकारी दी थी कि लोबो को नेता प्रतिपक्ष के पद से हटा दिया गया है। हालांकि, कांग्रेस विधायक दल ने अभी तक नए नेता प्रतिपक्ष की नियुक्ति नहीं की है।
उप नेता प्रतिपक्ष संकल्प अमोनकर ने इस संबंध में सवाल करने पर कहा कि नए नेता प्रतिपक्ष के संबंध में पार्टी आला कमान फैसला करेगा। इस संबंध में जल्द फैसला किया जाएगा।
राज्य विधानसभा का मानसून सत्र अगले शुक्रवार तक चलेगा।
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