देश की खबरें | विकास दुबे प्रकरण की जांच के लिए एकल सदस्यीय आयोग गठित करने का फैसला

लखनऊ, 12 जुलाई उत्तर प्रदेश सरकार ने कुख्यात अपराधी विकास दुबे प्रकरण की जांच के लिए एकल सदस्यीय आयोग गठित करने का निर्णय किया है।

राज्य सरकार के एक प्रवक्ता ने रविवार को बताया कि सेवानिवृत्त न्यायमूर्ति शशि कांत अग्रवाल के नेतृत्व में एकल सदस्यीय जांच आयोग गठित करने का निर्णय लिया गया है। आयोग का मुख्यालय कानपुर में होगा।

यह भी पढ़े | पश्चिम बंगाल के उत्तरी जिलों के निचले इलाकों में भारी बारिश से भरा पानी, अन्य हिस्सों में अगले तीन दिन तक हल्की बारिश की संभावना.

उन्होंने बताया कि आयोग विकास दुबे तथा उसके सहयोगियों द्वारा दो-तीन जुलाई, 2020 की रात्रि में की गई घटना की गहनतापूर्वक जांच करेगा।

प्रवक्ता ने बताया कि आयोग 10 जुलाई, 2020 को पुलिस एवं विकास दुबे के बीच हुई मुठभेड़ की गहनतापूर्वक जांच करेगा। साथ ही दो-तीन जुलाई, 2020 और 10 जुलाई, 2020 के मध्य पुलिस और इस प्रकरण से सम्बन्धित अपराधियों की बीच हुई प्रत्येक मुठभेड़ की गहनतापूर्वक जांच करेगा।

यह भी पढ़े | जम्मू-कश्मीर: सुरक्षाबलों ने सोपोर के रेबन इलाके में एनकाउंटर के दौरान एक आतंकी को किया ढेर, ऑपरेशन जारी.

प्रवक्ता के अनुसार यह आयोग अधिसूचना जारी किए जाने की तारीख से दो माह की अवधि के भीतर अपनी जांच पूर्ण कर लेगा।

उल्लेखनीय है कि कानपुर नगर में घटित घटना के सम्बन्ध में शासन द्वारा सम्यक विचारोपरान्त प्रकरण की जांच विशेष अनुसंधान दल से कराने का शनिवार को निर्णय लिया गया था।

अपर मुख्य सचिव (गृह एवं सूचना) अवनीश कुमार अवस्थी ने बताया था कि इस सम्बन्ध में अपर मुख्य सचिव संजय भूसरेड्डी की अध्यक्षता में विशेष अनुसंधान दल (एसआईटी) का गठन किया गया है।

अवस्थी ने बताया कि अपर पुलिस महानिदेशक हरिराम शर्मा तथा पुलिस उपमहानिरीक्षक जे रवीन्द्र गौड़ को एसआईटी का सदस्य नामित किया गया है। उन्होंने बताया कि विशेष अनुसंधान दल प्रकरण से जुड़े विभिन्न बिन्दुओं और प्रकरण की गहन जांच सुनिश्चित करते हुए 31 जुलाई, 2020 तक जांच रिपोर्ट शासन को उपलब्ध कराना सुनिश्चित करेगा।

(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)