देश की खबरें | फोर्टिस हेल्थकेयर के पूर्व प्रवर्तक शिविंदर सिंह की जमानत याचिका पर फैसला सुरक्षित

नयी दिल्ली, 16 जुलाई दिल्ली उच्च न्यायालय ने रेलिगेयर फिनवेस्ट लिमिटेड (आरएफएल) में कथित गबन के मामले में फोर्टिस हेल्थकेयर के पूर्व प्रवर्तक शिविंदर मोहन सिंह की जमानत याचिका पर बृहस्पतिवार को अपना आदेश सुरक्षित रख लिया।

न्यायमूर्ति अनूप जयराम भंभानी ने शिविंदर और प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की तरफ से पेश हुए वकीलों से कुछ स्पष्टीकरण मांगे और अपना फैसला सुरक्षित रख लिया।

यह भी पढ़े | राहुल गांधी ने केंद्र सरकार पर कसा तंज, बोले- मोदी जी ने जो आर्थिक गड्ढा खोदा है उससे गरीबों को मनरेगा ही निकाल रहा है.

वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिये सुनवाई कर रहे उच्च न्यायालय ने 22 जून को नोटिस जारी कर जमानत याचिका पर ईडी से उसकी प्रतिक्रिया मांगी थी।

ईडी की तरफ से पेश हुए केंद्र सरकार के स्थायी वकील अमित महाजन ने जमानत याचिका का विरोध करते हुए कहा कि मौजूदा मामले में रुपयों के लेनेदेन का जटिल संजाल है और इसके सिरे तलाशना आसान नहीं था।

यह भी पढ़े | जान्हवी कपूर की 'गुंजन सक्सेना' की रिलीज डेट आई सामने, इस दिन देख सकेंगे दर्शक.

उन्होंने दलील दी कि शिविंदर को जमानत देने से आगे की जांच प्रभावित होगी और हाल ही में एक निचली अदालत ने बेहद विस्तृत आदेश पारित करते हुए उन्हें जमानत देने से इनकार कर दिया था।

निचली अदालत द्वारा 18 जून को जमानत याचिका खारिज किये जाने के बाद शिविंदर ने उच्च न्यायालय में याचिका दायर की थी।

निचली अदालत ने कहा था कि यह मामला 2,397 करोड़ की भारी-भरकम रकम से संबंधित है।

(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)