विदेश की खबरें | तीन कंबोडियाई डॉल्फिन की मौत से पर्यावरण संरक्षणवादी चिंतित
श्रीलंका के प्रधानमंत्री दिनेश गुणवर्धने

विश्व वन्यजीव कोष (डब्ल्यूडब्ल्यूएफ) ने सोमवार को घोषणा की कि इतने कम समय में तीसरी स्वस्थ डॉल्फिन की मौत ‘‘बढ़ती चिंताजनक स्थिति और डॉल्फिन के आवास में गहन कानून प्रवर्तन उपायों की तत्काल आवश्यकता’’ को रेखांकित करती है।

बयान में कहा गया है कि हाल में इरावदी डॉल्फिन की मौत संभवत: मछली पकड़ने के एक अवैध जाल की डोर में उलझने से हुई । इसमें कहा गया है कि इस घटना ने मेकोंग रिवर डॉल्फिन नाम की इस प्रजाति को बचाने के लिए कानून प्रवर्तन की आवश्यकता पर प्रकाश डाला है।

डब्ल्यूडब्ल्यूएफ ने बताया कि एक स्वस्थ मादा डॉल्फिन क्रेटी प्रांत में शनिवार को नदी में मृत मिली। इसकी उम्र तकरीबन सात से 10 साल थी।

इसमें कहा गया है कि मृत डॉल्फिन के पोस्टमार्टम से पता चला है कि साढ़े छह फुट लंबी और 93 किलोग्राम वजनी डॉल्फिन मछली पकड़ने के जाल की डोरी में फंस गई थी।

डब्ल्यूडब्ल्यूएफ कंबोडिया के निदेशक सेंग टीक ने बयान में कहा कि यदि ‘‘डॉल्फिन संरक्षित क्षेत्र में मछलियां पकड़ने की अवैध गतिविधियों में हाल की बढ़ोतरी’’ पर तत्काल कदम नहीं उठाया गया तो देश में मेकोंग रिवर डॉल्फिन नष्ट हो जाएगी।

कंबोडिया में इरावदी डॉल्फिन की पहली गणना 1997 में हुई थी जिसमें उनकी कुल संख्या लगभग 200 थी। वर्ष 2020 में इनकी संख्या गिरकर करीब 89 रह गई।

डब्ल्यूडब्ल्यूएफ ने बताया कि 2022 में 11 डॉल्फिन की मौत हुई और पिछले तीन वर्षों में कुल 29 डॉल्फिन की मौत हुई है।

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