तेलंगाना से पैदल बीजापुर लौटते बालिका की मृत्यु
बीजापुर जिले के अधिकारियों ने सोमवार को यहां बताया कि शनिवार को तेलंगाना से मजदूरों का एक दल पैदल बीजापुर आ रहा था। दल जब जिले के भंडारपाल गांव के करीब था तब 12 वर्षीय बालिका जमलो मड़कम की मौत हो गई।
बीजापुर, 20 अप्रैल छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित बीजापुर जिले में लॉकडाउन के दौरान तेलंगाना से वापस बीजापुर लौटते समय एक सौ किलोमीटर पैदल चलने के बाद 12 वर्षीय बालिका की मौत हो गई है। बालिका का परिवार तेलंगाना में मिर्ची के खेत में काम करने गया था।
बीजापुर जिले के अधिकारियों ने सोमवार को यहां बताया कि शनिवार को तेलंगाना से मजदूरों का एक दल पैदल बीजापुर आ रहा था। दल जब जिले के भंडारपाल गांव के करीब था तब 12 वर्षीय बालिका जमलो मड़कम की मौत हो गई।
अधिकारियों ने बताया कि जमलो उसके परिजनों और अन्य ग्रामीण इस महीने की 15 तारीख को तेलंगाना के कन्नाईगुड़ा गांव से लगभग 150 किलोमीटर दूर आदेड़ और अन्य गांव के निकले थे।
बीजापुर जिले के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी बीआर पुजारी ने बताया कि जानकारी मिली है कि समूह ने शनिवार को सुबह भोजन किया और अपनी आगे की यात्रा शुरू की। लगभग 10 बजे बालिका ने पेट दर्द की शिकायत की और बाद में उसकी मृत्यु हो गई।
पुजारी ने बताया कि जब घटना की जानकारी मिली तब उसके शव को बीजापुर लाया गया और उसका नमूना एकत्र कर उसे कोरोना वायरस संक्रमण की जांच के लिए भेजा गया। रविवार को जांच रिपोर्ट में बताया गया कि बालिका को संक्रमण नहीं है।
अधिकारी ने बताया कि बालिका के शव के पोस्टमार्टम रिपोर्ट में उसकी मौत का कोई सटीक कारण नहीं बताया गया है। हालांकि ऐसा लग रहा है कि बालिका की मौत इलेक्ट्रोलाइट असंतुलन से हुई है। बालिका के साथ आ रहे लोगों का कहना है कि उसने शनिवार सुबह खाना नहीं खाया था। उन्होंने कहा कि इस दौरान मांसपेशियों की थकान की संभावना भी है क्योंकि वह बहुत छोटी थी और लगभग एक सौ किलोमीटर पैदल यात्रा की थी। उसके विसरा को सुरक्षित रख लिया गया है तथा उसे जांच के लिए भेजा जाएगा।
एक अन्य अधिकारी ने बताया कि बालिका के साथ लगभग 15 लोग थे। इनमें कुछ उसके रिश्तेदार भी थे।
अधिकारियों ने बताया कि बालिका की मृत्यु के बाद उसके परिजनों को क्वारंटाइन किया गया था। लेकिन बालिका की रिपोर्ट निगेटिव आने के बाद उन्हें घर जाने और होम क्वारंटाइन में रहने के लिए कहा गया है।
उन्होंने बताया कि लॉकडाउन के बाद तेलंगाना और आंध्रप्रदेश से छत्तीसगढ़ के बस्तर क्षेत्र के निवासी घर पहुंचने की कोशिश कर रहे हैं। इसके लिए वह जंगल के रास्ते का इस्तेमाल कर रहे हैं क्योंकि कोरोनावायरस के प्रसार को रोकने के लिए अंतरराज्यीय सड़कों को बंद कर दिया गया है।
इधर राज्य के वरिष्ठ अधिकारियों ने बताया कि बालिका की मृत्यु हो जाने पर मुख्यमंत्री सहायता कोष से एक लाख रूपए की आर्थिक सहायता उनके परिवारजनों को उपलब्ध करायी जा रही है।
सं संजीव
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(The above story first appeared on LatestLY on Apr 20, 2020 11:08 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

