लंदन, 22 अक्टूबर ब्रिटेन की सरकार ने कोविड-19 से भारतीय मूल एवं अन्य अल्पसंख्यकों की ज्यादा संख्या में हो रही मौतों की समीक्षा करने के लिए बृहस्पतिवार को कई पहल शुरू की, जिसमें मृत्यु प्रमाणन प्रक्रिया के तहत नस्ल को रिकॉर्ड करना भी आवश्यक कर दिया है।
समानता मंत्री केमी बैडेनोक ने हाउस ऑफ कॉमंस में यह मौखिक बयान दिया। उन्होंने नस्ल के आधार पर कोविड-19 विसंगतियों को समझने और उससे निपटने को लेकर पहली तिमाही रिपोर्ट प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन और स्वास्थ्य मंत्री मैट हेनकॉक को सौंपी।
इस वर्ष की शुरुआत में संसद में लोक स्वास्थ्य इंग्लैंड (पीएचई) का विश्लेषण रखे जाने के आलोक में एक आधिकारिक समीक्षा के बाद यह रिपोर्ट सौंपी गई है। रिपोर्ट में निष्कर्ष दिया गया है कि इंग्लैंड में कोरोना वायरस के कारण मौत के उच्च खतरा वाली श्रेणी में भारतीय मूल के बुजुर्गों के साथ अन्य अश्वेत, एशियाई और अल्पसंख्यक नस्लीय समूह शामिल हैं।
बेडेनौक ने कहा, ‘‘आज की रिपोर्ट कोविड के असमानुपातिक प्रभाव को समझने और उससे निपटने में हमारी यात्रा का पहला महत्वपूर्ण कदम है।’’
उन्होंने कहा, ‘‘नवीनतम जन स्वास्थ्य सूचना और सुरक्षा हर किसी की पहुंच में होनी चाहिए। इसे सुनिश्चित करने के लिए हमने कई मजबूत कदम उठाए हैं जिसमें लक्षित समूह तक संदेश पहुंचाना, उपलब्ध आंकड़े को और दुरूस्त करना ताकि हर कोई घर या कार्यस्थल पर हरसंभव सुरक्षित रह सके।’’
मृत्यु प्रमाण पत्र पर नस्ल का कॉलम रखने के अलावा मंत्री ने जो अन्य उपाय किए हैं उनमें ‘‘सामुदायिक चैंपियंस’’ योजना भी शामिल है। ढाई करोड़ पाउंड की यह योजना सर्वाधिक खतरा वाले स्थानों एवं समुदायों तक मौजूदा संचार व्यवस्था को और मजबूत करने के लिए धन मुहैया कराना है।
(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)











QuickLY