जरुरी जानकारी | डेयरी क्षेत्र ने कोविड-19 संकट को अवसर में बदला: सचिव

नयी दिल्ली, 23 जुलाई सरकार ने बृहस्पतिवार को कहा कि कोविड-19 महामारी से पहले चुनौतियों से जूझ रहे डेयरी क्षेत्र इस संकट को अवसर में बदलने में सफल रहा है। इस दौरान दूध की आपूर्ति व खपत बढ़ी है, जिससे 1.7 करोड़ किसानों को लाभ हुआ है।

पशुपालन और डेयरी सचिव अतुल चतुर्वेदी ने उद्योग संगठन फिक्की के द्वारा आयोजित एक वेबिनार को संबोधित करते हुए कहा, "सहकारी समितियों द्वारा दूध की आपूर्ति में पर्याप्त सुधार हुआ और औसत तरल दूध की खपत इस अवधि के दौरान अधिक रही। दूध के औसत खरीद मूल्य में भी वृद्धि हुई, जिसने 1.7 करोड़ किसानों की मदद की।’’

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चतुर्वेदी ने कहा कि भारत का डेयरी उद्योग दुनिया में सबसे तेजी से बढ़ते क्षेत्रों में से एक है। उन्होंने कहा कि सरकार ने 2025 तक इस क्षेत्र की प्रसंस्करण क्षमता को 535 लाख टन से बढ़ाकर 1080 लाख टन करने का लक्ष्य रखा है।

उन्होंने कहा कि सरकार ने डेयरी क्षेत्र के लिये 2025 तक की अपनी रूपरेखा में मूल्य वर्धित उत्पादों की हिस्सेदारी 23 प्रतिशत से बढ़ाकर 40 प्रतिशत करने का लक्ष्य रखा है। इसके अलावा भारत के डेयरी निर्यात की वैश्विक हिस्सेदारी 0.36 प्रतिशत से बढ़ाकर 10 प्रतिशत तक करने का भी लक्ष्य है।

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चतुर्वेदी ने कहा कि भारतीय डेयरी क्षेत्र 10 लाख करोड़ रुपये का उद्योग है, जिसमें निजी क्षेत्र के लिये महत्वपूर्ण विकास और निवेश के अवसर हैं।

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