देश की खबरें | महाराष्ट्र के तटीय इलाके में चक्रवात निसर्ग की दस्तक, मुंबई और दक्षिण गुजरात में दिखा असर
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मुंबई/अहमदाबाद, तीन जून चक्रवात निसर्ग ने रायगढ़ जिले और मुंबई के दक्षिणी इलाके में बुधवार को दस्तक दी और इस दौरान 120 किलोमीटर प्रतिघंटे की रफ्तार से हवाएं चलीं। प्रशासन ने हालांकि पहले ही मुंबई, तटीय महाराष्ट्र और दक्षिण गुजरात से हजारों लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचा दिया था।

चक्रवात के मद्देनजर मुंबई हवाईअड्डे पर उड़ानों का संचालन शाम सात बजे तक निलंबित रखा गया।

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न्यूयॉर्क में कोलंबिया विश्वविद्यालय के वायुमंडलीय विज्ञान के प्रोफेसर एडम सोएबेल ने ट्वीट किया कि मुंबई कोविड-19 महामारी से निपटने के लिये पहले से संघर्ष कर रहा है और ऐसे में 72 वर्षों में पहली बार एक चक्रवात इस महानगर में आएगा।

महाराष्ट्र के रायगढ़ जिले में अरब सागर से उठे निसर्ग चक्रवात की वजह से पेड़ और बिजली के खंभे उखड़ गए और इसने तटीय शहर अलीबाग में दोपहर करीब साढ़े 12 बजे दस्तक दी।

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मौसम विभाग के अधिकारियों ने पूर्वानुमान व्यक्त किया था कि यह प्रक्रिया शाम चार बजे तक पूरी हो जाएगी।

अलीबाग मुंबई से करीब 110 किमी दूर स्थित एक छोटा शहर है, जहां कई किले और मंदिर हैं। वहां बॉलीवुड के कई कलाकार भी रहते हैं।

चक्रवात अम्फान के पश्चिम बंगाल में तबाही मचाने के हफ्ते भर बाद निसर्ग तूफान आया है, जिसके महाराष्ट्र के अलावा गुजरात तट को भी प्रभावित करने की उम्मीद है।

भारतीय मौसम विभाग मुंबई के मौसम विज्ञान उप महानिदेशक के. एस. होसालिकर ने इससे पहले दिन में कहा था कि महाराष्ट्र के तटीय क्षेत्र में स्थित मुंबई, ठाणे, रायगढ़, पालघर में इस दौरान 100-110 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से हवा चलने की आशंका है।

महाराष्ट्र के तटीय इलाकों के साथ ही उत्तरी महाराष्ट्र और पुणे में भारी बारिश की खबर है।

मध्य रेलवे ने अपनी विशेष ट्रेनों के समय में बदलाव किया है।

एक अधिकारी ने कहा कि इनमें मुंबई से रवाना होने वाली पांच विशेष ट्रेनें है। तीन विशेष ट्रेनों के मार्ग में बदलाव किया जाएगा।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को महाराष्ट्र और गुजरात के मुख्यमंत्रियों से बात कर उन्हें केंद्र से हर संभव मदद का भरोसा दिलाया था।

मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने कहा कि महाराष्ट्र में राहत अभियान में राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) के 10 दलों को लगाया गया है।

नगर योजना प्राधिकरण एमएमआरडीए ने कहा कि बांद्रा कुर्ला परिसर में एक कोविड-19 देखभाल केंद्र में रखे गये करीब150 रोगियों को एहतियात के तौर पर सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया गया है।

अधिकारी ने बताया कि नौसेना ने पांच बाढ़ राहत टीमों और तीन गोताखोर टीमों को मुंबई में तैयार रखा है।

मुंबई अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डा लिमिटेड (मायल) ने कहा कि मुंबई हवाईअड्डे पर उड़ानों के संचालन को ऐहतियातन शाम सात बजे तक बंद रखने का फैसला लिया गया था। मायल ने एक बयान में कहा, “तेज हवाओं की वजह से यह फैसला लिया गया था कि दोपहर बाद ढाई बजे से शाम सात बजे तक यहां से किसी उड़ान का संचालन नहीं होगा।”

भारतीय मौसम विभाग के मुताबिक मुंबई से करीब 95 किलोमीटर दूर अलीबाग के निकट चक्रवात की प्रक्रिया दोपहर करीब साढ़े बारह बजे शुरू हुई।

मौसम विभाग ने एक बयान में कहा, “बादल का दाहिना हिस्सा महाराष्ट्र के तटीय क्षेत्र, खासकर रायगढ़ जिले से होकर गुजर रहा है। यह आगामी तीन घंटे में मुंबई और ठाणे जिलों में पहुंचेगा।”

बीएमसी ने कहा कि मुंबई में तट के करीब रहने वाले 40 हजार से ज्यादा लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है।

मुंबई पुलिस ने भी बताया कि दक्षिण मुंबई में कोलाबा, मध्य मुंबई में वरली और दादर तथा पश्चिमी मुंबई में जुहू और वर्सोवा जैसे समुद्र तटों के समीप वाले इलाकों में रहने वाले सैकड़ों लोगों को सुरक्षित स्थानों पर ले जाया गया है।

उपनगर सांताक्रूज में तेज हवाओं की वजह से एक निर्माणाधीन इमारत का सीमेंट से बना हिस्सा, इससे लगी चाल की झोपड़ियों के ऊपर को गिर गया। इस घटना में एक ही परिवार के तीन सदस्य घायल हो गए।

वहीं गुजरात के राहत आयुक्त हर्षद पटेलने बुधवार को संवाददाताओं को बताया कि गुजरात के दक्षिणी तटीय इलाके में किसीअप्रिय घटना की खबर नहीं है।

पटेल ने कहा कि एहतियाती कदम के तौर पर अभी तक आठ जिलों में तट के पास रहने वाले 63,700 से अधिक लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है।

उन्होंने कहा, ‘‘अरब सागर के पास स्थित वलसाड और नवसारी जिलों में हवा की गति सामान्य रही। हालांकि अगले तीन घंटे में हवा की गति बढ़कर 60 से 70 किलोमीटर प्रति घंटे हो सकती है क्योंकि चक्रवात उत्तर पूर्व महाराष्ट्र की ओर बढ़ रहा है।’’

उन्होंने कहा कि इनमें से 33,680 लोगों को वलसाड जिले से निकाला गया है, वहीं 14,400 लोगों को नवसारी में, सूरत में 8,727 लोगों को, भावनगर में 3,066 लोगों को, अमरेली में 2,086 लोगों को, भरूच में 12,020 लोगों को, आणंद में 761 लोगों को और गिर-सोमनाथ में 228 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है।

राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) की 18 टीमों और राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (एसडीआरएफ) की छह टीमों को विभिन्न स्थानों पर तैनात किया गया है।

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