अहमदाबाद, तीन जून महाराष्ट्र के अलीबाग में दस्तक देने के बाद बुधवार दोपहर बाद और शाम को गुजरात के दक्षिणी तटीय इलाकों में चक्रवात निसर्ग की वजह से कोई बड़ा नुकसान होने की खबर नहीं है। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।
गुजरात सरकार ने एहतियाती कदम के तौर पर आठ जिलों में तट के पास रहने वाले 63,700 से अधिक लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया था और राहत कार्य के लिये राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) की 18 टीमों और राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (एसडीआरएफ) की छह टीमों को विभिन्न स्थानों पर तैनात किया गया था।
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प्रदेश के राहत आयुक्त हर्षद पटेल ने कहा कि गनीमत रही कि चक्रवात बिना जानमाल के किसी बड़े नुकसान के गुजर गया।
उन्होंने कहा, “चक्रवात की वजह से किसी अप्रिय घटना या किसी के घायल होने की कोई खबर अब तक नहीं है। दक्षिणी गुजरात में हवा की गति जहां समान्य है वहीं वलसाड और नवसारी में सुबह से क्रमश: दो मिमी और सात मिमी बारिश दर्ज की गई। स्थिति नियंत्रण में है।”
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तूफान से पहले ऐहतियात के तौर पर गुजरात सरकार ने 33,680 लोगों को वलसाड जिले से निकाला, वहीं 14,400 लोगों को नवसारी में, सूरत में 8,727 लोगों को, भावनगर में 3,066 लोगों को, अमरेली में 2,086 लोगों को, भरूच में 12,020 लोगों को, आणंद में 761 लोगों को और गिर-सोमनाथ में 228 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है।
स्थानीय अधिकारियों ने कहा कि समुद्र तट के किनारे रह रहे करीब 4000 लोगों को निकटवर्ती केंद्र शासित क्षेत्र दमन में सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया गया। इसके अलावा सभी तटों पर पुलिस को तैनात किया गया था।
इससे पहले मौसम विभाग के अधिकारियों ने आशंका जाहिर की थी कि चक्रवात का तटीय जिलों वलसाड और नवसारी में अधिकतम प्रभाव होगा और इस दौरान हवा की गति 100 से 110 किलोमीटर प्रतिघंटा के करीब होगी।
ऐहतियाती कदम के तौर पर मछुआरों को पहले ही समुद्र से वापस बुला लिया गया था।
अतिरिक्त मुख्य सचिव,राजस्व, पंकज कुमार ने कहा कि नमक बनाने वाले तथा झींगा फार्म में काम करने वाले कर्मचारियों को भी सुरक्षित स्थानों पर भेजा गया था।
अधिकारियों ने कहा कि इसके अलावा 250 एंबुलेंसों और 170 आपातकालीन चिकित्सा दलों को भी दक्षिण गुजरात क्षेत्र में किसी आपात स्थिति से निपटने के लिये तैयार रखा गया था।
भारतीय मौसम विभाग के एक अधिकारी ने कहा कि महाराष्ट्र के रायगढ़ जिले के अलीबाग में बुधवार अपराह्न दस्तक देने के बाद ‘निसर्ग’ अब पूर्वोत्तर की और बढ़ रहा है और इसके नासिक, धुले और नंदुरबार जिलों में प्रभाव डालने की आशंका है, जहां तेज हवाओं के साथ भारी बारिश हो सकती है।
उन्होंने कहा कि अलीबाग के निकट चक्रवात ने करीब एक बजे दस्तक दी और चार बजे तक यहां से गुजर गया।
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