मुंबई, दो जून भारतीय रिजर्व बैंक के डिप्टी गवर्नर टी रवि शंकर ने कहा है कि जल्द पेश की जाने केंद्रीय बैंक की डिजिटल मुद्रा (सीबीडीसी) से निजी डिजिटल मुद्रा बिटकॉइन को लेकर जो थोड़ा बहुत भी मामला बनता है, वह ‘समाप्त’ हो जाएगा। उल्लेखनीय है कि सरकार क्रिप्टोकरेंसी पर परामर्श पत्र लाने की तैयारी कर रही है।
शंकर ने ‘स्टेबल कॉइन’ पर भी आपत्ति जताई है जिसे एक प्रकार की मुद्रा कहा जाता है।
रिजर्व बैंक बिटकॉइन जैसी क्रिप्टोकरेंसी का पुरजोर विरोध करता रहा है। केंद्रीय बैंक का मानना है कि इन तरह की ‘करेंसी’ का कोई अंतनिर्हित मूल्य नहीं है, इसकी प्रकृति ‘सट्टेबाजी’ की है। रिजर्व बैंक इस बारे में अपना रुख सार्वजनिक कर चुका है। हालांकि, सरकार ने अभी क्रिप्टोकरेंसी को लेकर अपना रुख स्पष्ट नहीं किया है।
इससे पहले वित्त मंत्रालय के तहत आर्थिक मामलों के विभाग ने इसी सप्ताह कहा कि वह निजी क्रिप्टोकरेंसी पर जल्द परामर्श पत्र लेकर आएगा।
शंकर ने यहां एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा, ‘‘हमारा मानना है कि निजी क्रिप्टोकरेंसी का जो भी मामला है, वह सीबीडीसी के आने के साथ समाप्त हो जाएगा।’’
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