प्रयागराज (उप्र), 12 जुलाई इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने वाराणसी में सिलसिलेवार बम विस्फोट के मामले में गाजियाबाद की अदालत द्वारा दोषी करार दिए गए वलीउल्लाह खान की आपराधिक अपील मंगलवार को स्वीकार कर ली। निचली अदालत ने वलीउल्लाह को मृत्युदंड सुनाया था।
न्यायमूर्ति मनोज मिश्रा और न्यायमूर्ति संजय कुमार सिंह की खंडपीठ ने सुनवाई के लिए अपील स्वीकार करते हुए इस मामले में निचली अदालत के रिकॉर्ड तलब किए। वाराणसी बम विस्फोट मामले में मुख्य आरोपी वलीउल्लाह ने गाजियाबाद की अदालत द्वारा छह जून, 2022 के निर्णय को चुनौती देते हुए इलाहाबाद उच्च न्यायालय में आपराधिक अपील दायर की थी।
वर्ष 2006 में हुए इन विस्फोटों से वाराणसी दहल गई थी और कम से कम 20 लोगों की जान गई थी। वलीउल्लाह ने गाजियाबाद के जेल प्रशासन के जरिए यह आपराधिक अपील दायर की। वर्तमान में वह गाजियाबाद की डासना जेल में बंद है। वलीउल्लाह प्रयागराज जिले के फूलपुर क्षेत्र का निवासी है।
सोलह साल पहले ये विस्फोट वाराणसी के संकट मोचक हनुमान मंदिर और रेलवे स्टेशन पर किए गए थे। पहला विस्फोट सात मार्च, 2006 की शाम लंका पुलिस थाना अंतर्गत भीड़भाड़ वाले संकट मोचक मंदिर के पास हुआ था। इसके तुरंत 15 मिनट बाद एक दूसरा बम वाराणसी कैंट रेलवे स्टेशन के विश्राम कक्ष के बाहर फटा था।
इन दो विस्फोटों में कम से कम 20 लोगों की मृत्यु हुई थी और करीब 100 लोग घायल हुए था। उसी दिन, दशाश्वमेध घाट पुलिस थाना के पास एक रेलवे क्रासिंग की रेलिंग के निकट एक प्रेशर कुकर बम भी पाया गया था, जिसे निष्क्रिय कर दिया गया था।
वाराणसी में वकीलों ने इस मामले में पैरवी करने से मना कर दिया था, जिसके बाद इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने मुकदमा गाजियाबाद की जिला अदालत को स्थानांतरित कर दिया था।
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