नयी दिल्ली, तीन मार्च अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक समिति (आईओसी) के अध्यक्ष पद की दौड़ में सबसे आगे चल रहे सेबेस्टियन को ने 2028 लॉस एंजिल्स खेलों में क्रिकेट को शामिल किए जाने की सराहना करते हुए कहा कि इस कदम से नए बाजार मिलेंगे (नये दर्शकों तक पहुंच बढ़ेगी) जो ओलंपिक आंदोलन के विकास के लिए महत्वपूर्ण होगा।
क्रिकेट 1900 सत्र के बाद पहली बार टी20 प्रारूप में ओलंपिक में लौटा रहा है। इसे 2028 ओलंपिक के लिए पांच अतिरिक्त खेलों में शामिल किया गया है। यह निर्णय 2023 में लिया गया था।
को वर्तमान में विश्व एथलेटिक्स के प्रमुख हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि क्रिकेट का समर्थन दक्षिण एशिया से कहीं आगे तक फैला हुआ है। दक्षिण एशिया समुदाय की आबादी दो अरब से अधिक है।
को ने एक विशेष साक्षात्कार में पीटीआई से कहा, ‘‘ मैंने अतीत में जो कुछ भी कहा है (नवंबर 2024 में भारत की यात्रा के दौरान), उससे आप समझ गए होंगे कि क्रिकेट ओलंपिक आंदोलन में शामिल होने जा रहा है, खासकर उस समर्थन के साथ जो इसे न केवल दक्षिण एशिया में मिलेगा, बल्कि हमारे सभी बड़े शहरों में रहने वाले दक्षिण एशिया के लोगों से भी मिलेगा।’’
उन्होंने कहा, ‘‘लंदन और न्यूयॉर्क में हमारे पास बहुत बड़ा भारतीय या दक्षिण एशियाई समुदाय है। ये दर्शक , यह समर्थन भारत, पाकिस्तान या दक्षिण एशिया से कहीं आगे तक फैला हुआ है। यह (ओलंपिक) आंदोलन के लिए बहुत महत्वपूर्ण है। यह ओलंपिक के लिए बाजार खोलेगा।’’
अभी यह पता नहीं है कि क्रिकेट 2032 में ऑस्ट्रेलिया के ब्रिसबेन में होने वाले ओलंपिक खेलों में शामिल होगा या नहीं, लेकिन भारत को अगर 2036 ओलंपिक खेलों की मेजबानी का अधिकार मिल जाता है तो निश्चित रूप से यह ओलंपिक का हिस्सा बनेगा।
भारत ने आईओसी के भावी मेजबान आयोग को 2036 ओलंपिक और पैरालंपिक खेलों की मेजबानी के लिए पहले ही आशय पत्र सौंप दिया है
68 साल के को के नाना का संबंध भारत के पंजाब से है। उन्हें आईओसी अध्यक्ष के रूप में थॉमस बाक की जगह लेने के लिए चुनाव लड़ रहे सात उम्मीदवारों में सबसे आगे माना जा रहा है। आईओसी के 100 से अधिक सदस्य 20 मार्च को कोस्टा नवारिनो के ग्रीक रिसॉर्ट में आईओसी के 18 से 21 मार्च तक आयोजित होने वाले 144वें सत्र में मतदान कर नये अध्यक्ष का चयन करेंगे।
ओलंपिक के 1500 मीटर स्पर्धा में दो बार के स्वर्ण पदक विजेता को भारत जैसे देशों द्वारा ओलंपिक जैसे बड़े आयोजनों की मेजबानी करने में कुछ भी गलत नहीं लग रहा। कुछ लोगों का हालांकि तर्क है कि इसकी भारी लागत का बेहतर इस्तेमाल प्रतिभाओं को निखारने और अन्य खेल बुनियादी ढांचे के निर्माण के लिए किया जा सकता है।
को ने कहा, ‘‘आपको दोनों काम करने होंगे। मैंने हमेशा कहा है कि यह उस दुकान की तरह है जिसके पास अच्छी चीजें होने पर लोग आकर्षित होते ही है। नीरज चोपड़ा जैसे प्रदर्शन करने वाले एथलीटों का होना भी बहुत बड़ा प्रभाव डालता है। ऐसे में आपके पास दोनों चीजें होनी चाहिए, इससे एक दूसरे को फायदा होता है।’’
उन्होंने कहा, ‘‘ लोगों की भागीदारी बढ़ाने के लिए आपको शीर्ष स्तर के एथलीट और शीर्ष स्तर की खेल प्रतियोगिताओं की जरूरत होती है।’’
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