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जरुरी जानकारी | सोयाबीन तेल-तिलहन सहित सीपीओ, पामोलीन में गिरावट

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on Information at LatestLY हिन्दी. कारोबारी धारणा प्रभावित रहने के बीच देश के तेल-तिलहन बाजार में बृहस्पतिवार को सोयाबीन तेल-तिलहन के अलावा मलेशिया एक्सचेंज में गिरावट रहने के कारण कच्चे पामतेल (सीपीओ) एवं पामोलीन के दाम में गिरावट देखने को मिली। राजस्थान की मंडी बंद रहने और सरकार की ओर से 15 मार्च से सरसों की खरीद किये जाने की खबर के बीच किसानों द्वारा आवक घटाने के कारण सरसों तेल-तिलहन में सुधार आया। वहीं कमजोर कारोबार के बीच मूंगफली तेल-तिलहन और बिनौला तेल के भाव पूर्वस्तर पर बने रहे।

जरुरी जानकारी | सोयाबीन तेल-तिलहन सहित सीपीओ, पामोलीन में गिरावट

नयी दिल्ली, 27 फरवरी कारोबारी धारणा प्रभावित रहने के बीच देश के तेल-तिलहन बाजार में बृहस्पतिवार को सोयाबीन तेल-तिलहन के अलावा मलेशिया एक्सचेंज में गिरावट रहने के कारण कच्चे पामतेल (सीपीओ) एवं पामोलीन के दाम में गिरावट देखने को मिली। राजस्थान की मंडी बंद रहने और सरकार की ओर से 15 मार्च से सरसों की खरीद किये जाने की खबर के बीच किसानों द्वारा आवक घटाने के कारण सरसों तेल-तिलहन में सुधार आया। वहीं कमजोर कारोबार के बीच मूंगफली तेल-तिलहन और बिनौला तेल के भाव पूर्वस्तर पर बने रहे।

मलेशिया एक्सचेंज में लगभग दो प्रतिशत की गिरावट है जबकि शिकॉगो एक्सचेंज में मामूली सुधार है।

बाजार सूत्रों ने कहा कि सहकारी संस्थाओं द्वारा हाल ही में किसानों से खरीदे गये सोयाबीन की तीन मार्च से बिक्री की प्रक्रिया शुरु किये जाने की संभावना है। इससे पूरे तेल-तिलहन बाजार की कारोबारी धारणा प्रभावित हो रही है क्योंकि सोयाबीन का मौजूदा हाजिर दाम न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) से काफी कम यानी 4,000 रुपये क्विंटल के आसपास है और ऐसे में सभी तेल-तिलहन के दाम और पूरे बाजार की कारोबारी धारणा प्रभावित हो रही है। इस बिक्री की कोशिशों के कारण, जल्द शुरू होने वाली आगामी सोयाबीन बिजाई का काम प्रभावित होने का खतरा है। सोयाबीन तेल-तिलहन में इस वजह से गिरावट देखी गई क्योंकि इस पर पहले से महंगा चल रहे सीपीओ, पामोलीन के आयात की कमी को पूरा करने का दबाव है। मलेशिया एक्सचेंज में गिरावट के कारण पहले से ऊंचे दाम पर कम मांग वाले सीपीओ एवं पामोलीन तेल में भी गिरावट आई।

सूत्रों ने कहा कि राजस्थान की मंडी दो मार्च तक बंद है और इस कारण कारोबार कम रहने के बीच सरसों तेल-तिलहन के दाम में सुधार आया। दिल्ली की नजफगढ़ मंडी में 5,800-5,850 रुपये क्विंटल वाले सरसों का दाम अब बढ़कर, सरसों के एमएसपी (5,950 रुपये क्विंटल) के आसपास 5,900-5,950 रुपये क्विंटल हो गया। इस कारण से भी सरसों तेल-तिलहन में सुधार है। सरसों की जो सरकारी खरीद पहले 28 मार्च से होनी थी, उस खरीद की तिथि अब बदलकर 15 मार्च कर दी गई है जिसके कारण किसान रोक-रोक कर अपनी उपज ला रहे हैं, जो सरसों कीमतों में वृद्धि का मुख्य कारण है।

सूत्रों ने कहा कि सोयाबीन बिक्री की पहल के बाद कमजोर कारोबारी धारणा के रहते मूंगफली तेल-तिलहन के भाव पूर्वस्तर पर बने रहे जो पहले से ही एमएसपी से लगभग 20 प्रतिशत नीचे के हाजिर दाम पर बिक रहा है। किसान इससे अधिक नीचे दाम पर मूंगफली बेचना नहीं चाहते। कमजोर कामकाज के बीच बिनौला तेल भी पूर्वस्तर पर बना रहा।

तेल-तिलहनों के भाव इस प्रकार रहे:

सरसों तिलहन - 6,250-6,350 रुपये प्रति क्विंटल।

मूंगफली - 5,575-5,900 रुपये प्रति क्विंटल।

मूंगफली तेल मिल डिलिवरी (गुजरात) - 14,250 रुपये प्रति क्विंटल।

मूंगफली रिफाइंड तेल - 2,190-2,490 रुपये प्रति टिन।

सरसों तेल दादरी- 13,600 रुपये प्रति क्विंटल।

सरसों पक्की घानी- 2,350-2,450 रुपये प्रति टिन।

सरसों कच्ची घानी- 2,350-2,475 रुपये प्रति टिन।

सोयाबीन तेल मिल डिलिवरी दिल्ली- 14,100 रुपये प्रति क्विंटल।

सोयाबीन मिल डिलिवरी इंदौर- 13,800 रुपये प्रति क्विंटल।

सोयाबीन तेल डीगम, कांडला- 10,100 रुपये प्रति क्विंटल।

सीपीओ एक्स-कांडला- 13,150 रुपये प्रति क्विंटल।

बिनौला मिल डिलिवरी (हरियाणा)- 13,250 रुपये प्रति क्विंटल।

पामोलिन आरबीडी, दिल्ली- 14,700 रुपये प्रति क्विंटल।

पामोलिन एक्स- कांडला- 13,650 रुपये (बिना जीएसटी के) प्रति क्विंटल।

सोयाबीन दाना - 4,200-4,250 रुपये प्रति क्विंटल।

सोयाबीन लूज- 3,900-3,950 रुपये प्रति क्विंटल।

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(The above story first appeared on LatestLY on Feb 27, 2025 08:56 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).