देश की खबरें | न्यायालय की चारधाम सड़क पर 5.5 मीटर की सीमा रणनीतिक रूप से पर्याप्त नहीं : रावत
एनडीआरएफ/प्रतीकात्मक तस्वीर (Photo Credits: ANI)

देहरादून, 18 सितंबर सीमा पर भारत-चीन तनाव के बीच उत्तराखंड के मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने शुक्रवार को कहा कि उच्चतम न्यायालय द्वारा सभी मौसम में कार्यरत चारधाम सड़क की चौड़ाई 5.5 मीटर सीमित करना रणनीतिक रूप से पर्याप्त नहीं है।

डिजिटल माध्यम से पत्रकारों के साथ संवाद करते हुए रावत ने साथ ही कहा कि 2021 हरिद्वार कुंभ लोगों के जमा होने पर पाबंदियों के साथ आयोजित किया जाएगा।

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उनकी सरकार के साढे़ तीन साल पूरा होने के अवसर पर मीडिया से संवाद करते हुए रावत ने कहा कि चौड़ाई को लेकर लगाई गई सीमा की वजह से सैनिकों की आवाजाही नहीं हो पाएगी।

उन्होंने कहा, ‘‘रणनीतिक या राष्ट्रीय सुरक्षा के नजरिये से हम 5.5 मीटर की चौड़ाई वाली हर मौसम में काम करने वाली सड़क नहीं बना सकते जो पहाड़ों से कई सीमावर्ती जिलों से होकर गुजरेगी। इस तरह की सीमित चौड़ाई वाली सड़क पर सैनिकों की सुचारु आवाजाही संभव नहीं है।’’

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मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्होंने उच्चतम न्यायालय के फैसले के इस पहलू पर केंद्र का ध्यान आकर्षित कराया है तथा हर मौसम में काम करने वाली और चौड़ी सड़क की अनिवार्यता पर जोर दिया है।

रावत ने कुंभ मेले के बारे में कहा , ‘‘कोरोना वायरस महामारी के कारण इस आयोजन में आने वाले लोगों की संख्या को नियंत्रित किया जाएगा और इसलिए इसमें हिस्सा लेने वाले श्रद्धालुओं को पास जारी किये जाएंगे ।’’

मुख्यमंत्री ने बताया कि साधु संतों के साथ उन्होंने इस विषय में चर्चा की है और कोरोना वायरस महामारी के कारण संख्या सीमित रख कुंभ मेले के आयोजन को छोटा करने के विचार पर वह सहमत हो गए हैं।

रावत ने कहा, ‘‘कुंभ मेले में संख्या सीमित रखने के लिए जरूरी है कि श्रद्धालुओं को पास के आधार पर ही इसमें प्रवेश की अनुमति दी जाए ।’’

कुंभ मेले के ​इतिहास में यह पहला मौका होगा कि इस धार्मिक कार्यक्रम में हिस्सा लेने के लिये श्रद्धालुओं को पास जारी किये जायेंगे ।

रावत ने चारधाम देवस्थानम प्रबंधक बोर्ड के गठन को पिछले साढ़े तीन साल में उठाया गया सबसे बड़ा सुधारात्मक कदम करार दिया ।

उन्होंने कहा, ‘‘ बोर्ड का गठन बहुत ही सोच-विचार कर किया गया है और पर्यटकों, श्रद्धालुओं, तीर्थ पुरोहितों सहित सभी को इस फैसले से लाभ होगा।’’

उन्होंने यह भी कहा कि गैंरसैण को ग्रीष्मकालीन राजधानी घोषित कर हमने यह साबित कर दिया है कि यह निर्णय करने वाली सरकार हैं और लंबे समय से लंबित मामलों के समाधान में हम सक्षम हैं ।

मुख्यमंत्री ने जोर देकर कहा कि पिछले साढ़े तीन साल में हमने विकास की गति तेज की है और भ्रष्टाचार पर नकेल कसी है और लोगों को पारदर्शी एवं स्वच्छ सरकार दी है ।

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