देश की खबरें | न्यायालय सीमित तरीके से न्यायालय कक्षों में मुकदमों की सुनवाई शुरू करेगा, एसओपी जारी
एनडीआरएफ/प्रतीकात्मक तस्वीर (Photo Credits: ANI)

नयी दिल्ली, 31 अगस्त उच्चतम न्यायालय ने सीमित तरीके से मुकदमों की प्रस्तावित प्रत्यक्ष सुनवाई शुरू करने के लिये इस बारे में मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) जारी की है। न्यायालय ने वकीलों के विभिन्न संगठनों के अनुरोध पर प्रयोग के रूप में ऐसा करने का निर्णय लिया है।

देश में कोविड-19 महामारी के साथ ही लॉकडाउन लागू होने के बाद 25 मार्च से ही शीर्ष अदालत वीडियो कांफ्रेंस के माध्यम से मुकदमों की सुनवाई कर रही है। लॉकडाउन में ढील दिये जाने के बाद भी न्यायालय ने वीडियो कांफ्रेंस के जरिये मुकदमों की सुनवाई जारी रखने का निर्णय लिया है।

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न्यायमूर्ति एन वी रमण की अध्यक्षता वाली सात न्यायाधीशों की समिति ने विभिन्न बार एसोसिएशनों के अनुरोध पर विचार के बाद इस महीने के शुरू में प्रधान न्यायाधीश एस ए बोबडे से सिफारिश की कि सुरक्षा के अतिरिक्त उपायों के साथ प्रयोगात्मक आधार पर मामलों की प्रत्यक्ष सुनवाई शुरू की जाये।

हालांकि, मानक संचालन प्रक्रिया में इस बात का कोई जिक्र नहीं है कि न्यायालय कक्षों में सीमित तरीके से मुकदमों की प्रत्यक्ष सुनवाई कब शुरू होगी।

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न्यायालय के सेक्रेटरी जनरल संजीव एस कलगांवकर द्वारा जारी मानक संचालन प्रक्रिया में कहा गया है कि पायलट योजना के अंतर्गत प्रयोग के तौर पर शुरू में तीन न्यायालय कक्षों में मुकदमों की प्रत्यक्ष सुनवाई शुरू की जा सकती है और बाद में स्थिति को देखते हुये मुकदमों और न्यायालय कक्षों की संख्या बढ़ाई या घटाई जा सकती है।

एसओपी के अनुसार न्यायालय कक्षों में प्रत्यक्ष सुनवाई के दौरान सीमित संख्या में ही वकीलों या पक्षकारों को पेश होने की अनुमति होगी ताकि कुल संख्या सामाजिक दूरी बनाये रखने के मानकों को ध्यान में रखते हुये न्यायालय कक्ष की कार्यक्षमता से ज्यादा नही हो।

इसके अनुसार अगर किसी मामले में पक्षकारों की संख्या ज्यादा होगी तो सिर्फ एक एडवोकेट ऑन रिकार्ड और बहस के लिये एक अधिवक्ता को ही न्यायालय में प्रवेश की अनुमति होगी। इसी तरह प्रत्येक पक्ष के लिये एक पंजीकृत क्लर्क को वकीलों की फाइलें लेकर न्यायालय कक्ष तक आने की अनुमति होगी।

न्यायालय के प्रशासन ने कहा है कि प्राक्सीमिटी कार्ड और दीर्घावधि पास के जरिये उच्च सुरक्षा वाले क्षेत्र में अगले आदेश तक प्रवेश निलंबित रखा जायेगा।

सीमित संख्या में मुकदमों की प्रत्यक्ष सुनवाई के लिये आने वाले वकीलों और पक्षकारों और दूसरे हितधारकों को रजिस्ट्री संबंधित एडवोकेट ऑन रिकार्ड के अधिकृत किये जाने के आधार पर ‘विशेष सुनवाई पास’ जारी करेगी।

दो पेज की संचालन प्रक्रिया में कहा गया है कि न्यायालय कक्षों में अधिवक्ताओं और व्यक्तिगत रूप से पेश होने वालों के लिये कुर्सी मेज की जगह निर्धारित की जा रही है और प्रत्येक व्यक्ति के लिये एक दूसरे के बीच न्यूनतम दूरी बनाये रखने के मानकों का पालन करना जरूरी होगा।

इसमें आगे कहा गया है कि जिन लोगों को औपचारिकता पूरी करने पर विशेष सुनवाई पास जारी किये गये होंगे उन्हें आन लाइन या अन्य तरीके से सूचित किया जायेगा। ऐसे सभी लोग थर्मल स्कैनिंग से जांच कराने के बाद पूर्व निर्धारित प्रवेश द्वार से उच्च सुरक्षा वाले क्षेत्र में प्रवेश करेंगे । इन सभी को पहले से निर्धारित स्थान या खाली न्यायालय कक्ष में ले जाया जायेगा और उन्हें अपने अपने मुकदमों की सुनवाई के लिये इंतजार करना होगा।

इस प्रक्रिया के अंतर्गत न्यायालय कक्ष में प्रवेश और निकासी के लिये अलग अलग द्वार होंगे। न्यायालय कक्ष में प्रवेश करने वालों को अपने हाथ और कागजात तथा दूसरी वस्तुओं को सैनेटाइज करने की भी सलाह दी गयी है।

अनूप

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