बेंगलुरु, 16 नवंबर कर्नाटक उच्च न्यायालय ने कथित तौर पर समुदायों के बीच नफरत फैलाने के आरोप में युवा ब्रिगेड के संस्थापक चक्रवर्ती सुलीबेले के खिलाफ दर्ज प्राथमिकी पर बृहस्पतिवार को रोक लगा दी।
उच्च न्यायालय की धारवाड़ पीठ में न्यायमूर्ति शिवशंकर अमरन्नवर ने सुलीबेले की ओर दायर एक आपराधिक याचिका पर सुनवाई के बाद रोक लगायी और सुनवाई स्थगित कर दी।
कारवार देहात पुलिस ने कारवार में एक मंदिर में दर्शन के बाद एक संवाददाता सम्मेलन में तीन अक्टूबर को की गई कथित टिप्पणी के लिए सुलीबेले के खिलाफ पांच अक्टूबर, 2023 को प्राथमिकी दर्ज की थी।
उन्होंने कथित तौर पर कहा कि जब भी सिद्धरमैया सत्ता में आए, हिंदुओं को परेशानी का सामना करना पड़ा और जब तक वह मुसलमानों का समर्थन करेंगे, ऐसी घटनाएं जारी रहेंगी।
प्राथमिकी में आरोप लगाया गया है कि उन्होंने कई अन्य बयान दिए हैं, जिसमें हिंदुओं और मुसलमानों के बीच शत्रुता उत्पन्न करने की कोशिश की गई।
सुलीबेले पर भारतीय दंड संहिता की धारा 505(2) के तहत आरोप लगाया गया है।
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