देश की खबरें | घर से क्लैट परीक्षा देने की याचिका पर अदालत ने केंद्र, एनएलयू से जवाब मांगा
एनडीआरएफ/प्रतीकात्मक तस्वीर (Photo Credits: ANI)

नयी दिल्ली, चार अगस्त दिल्ली उच्च न्यायालय ने मंगलवार को कोविड-19 महामारी के बीच संयुक्त विधि प्रवेश परीक्षा (क्लैट), 2020 के लिए परीक्षा केंद्र पर उपस्थित होने की आवश्यकता को चुनौती देने वाली एक विधि स्नातक छात्र की याचिका पर केंद्र और राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालयों (एनएलयू) के कंसोर्टियम से जवाब मांगा है।

न्यायमूर्ति जयंत नाथ ने केंद्र सरकार से अदालत को यह बताने के लिए कहा कि क्या मौजूदा महामारी के मद्देनजर इस तरह की परीक्षा आयोजित करना उचित होगा।

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अदालत ने केंद्र सरकार और एनएलयू को नोटिस जारी किया और याचिका पर उनसे 10 अगस्त तक अपना पक्ष रखने को कहा गया है।

याचिका में कहा गया है कि ऑनलाइन क्लैट परीक्षा को घर से देने की अनुमति दी जानी चाहिए।

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क्लैट देश में 22 एनएलयू में विधि में स्नातक और परास्नातक पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए एक केंद्रीकृत परीक्षा है और यह इसके कंसोर्टियम द्वारा आयोजित की जाती है।

क्लैट 2020 की अधिसूचना के अनुसार, परीक्षा अधिसूचित केंद्रों पर ऑनलाइन आयोजित की जाएगी, जहां उम्मीदवारों के लिए कंप्यूटर स्थापित किए जाएंगे।

कंसोर्टियम की ओर से पेश वकील ने शुरू में कहा कि याचिका दिल्ली में मान्य नहीं है क्योंकि कंसोर्टियम बेंगलुरु में स्थित है।

उन्होंने यह भी कहा कि क्लैट को घर से नहीं देने का निर्णय लिया गया क्योंकि इससे बड़े पैमाने पर नकल हो सकती है।

कृष्ण

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