नयी दिल्ली, दो जून उच्चतम न्यायालय ने गैरसैण को उत्तराखंड की राजधानी और प्रताप नगर को नया जिला घोषित करने का राज्य सरकार को निर्देश देने के लिये दायर याचिका मंगलवार को खारिज कर दी। न्यायालय ने कहा कि ये ‘राजनीतिक फैसले’ हैं जिनके बारे में वह कोई निर्देश नहीं दे सकता।
न्यायमूर्ति आर भानुमति, न्यायमूर्ति इन्दु मल्होत्रा और न्यायमूर्ति अनिरूद्ध बोस की पीठ ने वीडियो कॉफ्रेन्स के जरिये इस मामले की सुनवाई की और इस बारे में याचिका खारिज कर दी। यह याचिका देहरादून के एक निवासी ने दायर की थी।
पीठ ने अपने आदेश में कहा कि संविधान के अनुच्छेद 32 के तहत दायर याचिका में याचिकाकर्ता ने प्रतिवादी उत्तराखंड को यह निर्देश देने का अनुरोध किया है कि ‘गैरसैण’ को राज्य की राजधानी और ‘प्रताप नगर’ को नया जिला घोषित किया जाये।
पीठ ने कहा, ‘‘हमारी सुविचारित राय है कि ये नीतिगत निर्णय है, जिनके बारे में न्यायालय कोई निर्देश नहीं दे सकता है। अनुच्छेद 32 के तहत दायर याचिका खारिज की जाती है।’’
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उत्तराखंड के मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने इस साल मार्च में राज्य विधानसभा में बजट भाषण समाप्त करने के तुरंत बाद घोषणा की थी कि चमोली जिले में स्थित गैरसैण इस पर्वतीय राज्य की ग्रीष्मकालीन राजधानी होगी।
रावत ने कहा था कि राज्य की ग्रीष्मकालीन राजधानी के लिये गैरसैण में युद्धस्तर पर बुनियादी सुविधाओं का निर्माण करने की आवश्यकता है।
उत्तर प्रदेश के पुनर्गठन के बाद उत्तराखंड नौ नवंबर, 2000 को देश का नया राज्य बना था।
अनूप
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