नयी दिल्ली, छह नवंबर उच्चतम न्यायालय ने 2017 में गुरुग्राम के एक निजी स्कूल में एक बच्चे की हत्या के आरोपी एक किशोर द्वारा पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय के एक फैसले को चुनौती देने वाली याचिका सोमवार को खारिज कर दी।
पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय ने एक वयस्क के रूप में उस पर मुकदमा चलाने के किशोर न्याय बोर्ड (जेजेबी) के आदेश को इस साल मई में बरकरार रखा था।
उच्च न्यायालय के आदेश को चुनौती देने वाली याचिका न्यायमूर्ति विक्रम नाथ और न्यायमूर्ति राजेश बिंदल की पीठ के समक्ष सुनवाई के लिए आई जिसने इसे खारिज कर दिया।
जिस बच्चे की हत्या की गयी थी, उसके परिवार की ओर से वकील सुशील टेकरीवाल ने शीर्ष अदालत में पैरवी की।
गुरुग्राम के भोंडसी में एक स्कूल के शौचालय से बच्चे का शव मिला था जिसका गला कटा हुआ था।
सीबीआई ने आरोप लगाया था कि किशोर ने आठ सितंबर, 2017 को बच्चे की हत्या इसलिए कर दी थी ताकि परीक्षाएं स्थगित हो जाएं और अभिभावक और शिक्षकों की बैठक (पीटीएम) निरस्त हो जाए।
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