देश की खबरें | इरोज ग्रैंड होटल को कोविड अस्पताल बनाने के सरकार के फैसले पर रोक से अदालत का इंकार
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नयी दिल्ली, 19 जून इरोज ग्रैंड रिसॉर्टस एंड होट्ल्स प्राइवेट लिमिटेड के एक होटल को अस्थाई रूप से कोविड अस्पताल में बदले जाने संबंधी जिला प्रशासन के आदेश पर रोक लगाने से इंकार करते हुए दिल्ली उच्च न्यायालय ने कहा कि कोरोना वायरस संक्रमण के मामलों में अभूतपूर्व वृद्धि हुई है और हालात पर काबू पाने के लिए कठोर कदम उठाने होंगे।

वीडियो कांफ्रेंस के जरिए सुनवाई कर रहे न्यायमूर्ति नवीन चावला ने कहा कि जिला प्रशासन के आदेश पर रोक लगाने के लिए होटल चेन की ओर से दी गई अंतरिम अर्जी में कोई दम नहीं है।

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अदालत ने हालांकि मुख्य अर्जी पर दिल्ली सरकार से जवाब मांगा है जिसमें कोविड-19 अस्पताल बनाने के लिए होटलों के अस्थाई अधिग्रहण संबंधी 12 जून के आदेश को चुनौती दी गई है। आदेश के अनुसार, ऐसे अस्पतालों में कोविड-19 के इलाज के लिए चिह्नित निजी अस्पतालों के डॉक्टर इलाज करेंगे।

अदालत ने मामले की सुनवाई के लिए अगली तारीख 11 अगस्त की तय की है।

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होटल की ओर से पेश हुए वकील ने पूर्वी जिले के जिला मजिस्ट्रेट/जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकार के अध्यक्ष द्वारा दिया गया आदेश सौंपते हुए कहा कि इसमें विवेक का उपयोग नहीं किया गया है क्योंकि रिकॉर्ड में इन विषयों पर बिल्कुल विचार नहीं किया गया है, जैसे... कोविड-19 अस्पताल के रूप में उपयोग किए जाने वाले होटल के व्यावहारिक पहलुओं पर विचार नहीं किया गया है, डॉक्टरों और अन्य नर्सिग कर्मियों तथा होटल के कर्मचारियों की उपलब्धता आदि पर भी ध्यान नहीं दिया गया है।

वहीं दिल्ली सरकार के वकील ने कहा कि कोरोना वायरस से संकम्रित लोगों की संख्या में अत्यधिक वृद्धि के कारण कोविड-19 मरीजों को स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए ऐसे कदम उठाए गए हैं।

वकील ने कहा कि ऐसे हालात के कारण ही प्रशासन ने शहर के विभिन्न होटलों के संबंध में ऐसे ही आदेश दिए हैं।

अदालत ने इस संबंध में अंतरिम राहत देने से इंकार करते हुए कहा कि शहर में कोविड-19 के मरीजों की संख्या में अभूतपूर्व वृद्धि को संज्ञान में लिया जाना चाहिए।

अदालत ने कहा, ‘‘ऐसे वक्त में सरकार को हालात पर काबू पाने के लिए कठोर कदम उठाने होंगे। ऐसे में नीतियां बनाने और उन्हें लागू करने का काम विशेषज्ञों पर छोड़ देना ही बेहतर होगा।’’

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