देश की खबरें | न्यायालय ने नाबालिग बच्चे को ले जाने वाले मिस्र के नागरिक के खिलाफ उचित नोटिस जारी करने की अनुमति दी

नयी दिल्ली, छह अप्रैल उच्चतम न्यायालय ने बुधवार को केन्द्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) को मिस्र के उस नागरिक के खिलाफ उचित नोटिस जारी करने की अनुमति दी जो अदालती आदेशों को धता बताकर अपने नाबालिग बेटे को स्वदेश ले गया था।

एजेंसी ने कहा कि उसके स्थान का पता लगाने की जरूरत है जिसके बाद अदालत ने यह अनुमति दी।

न्यायमूर्ति डी. वाई. चंद्रचूड़ की अध्यक्षता वाली पीठ को अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल (एएसजी) ऐश्वर्या भाटी ने बताया कि उस व्यक्ति के लिए एक ‘ब्लू नोटिस’ और नाबालिग के लिए ‘येलो’ नोटिस जारी करना उचित होगा।

‘ब्लू नोटिस’ किसी अपराध के संबंध में व्यक्ति की पहचान, स्थान या गतिविधियों के बारे में अतिरिक्त जानकारी एकत्र करने के लिये जारी किया जाता है जबकि ‘येलो नोटिस’ एक लापता व्यक्ति, अक्सर एक नाबालिग का पता लगाने में मदद करने के लिए जारी किया जाता है।

एएसजी ने न्यायमूर्ति चंद्रचूड़, न्यायमूर्ति संजीव खन्ना और न्यायमूर्ति सूर्याकांत की पीठ ने मामले की अगली सुनवाई की तिथि 12 जुलाई तय की।

पीठ ने कहा, "हम इस तथ्य को ध्यान में रखते हुए सीबीआई को ऐसा करने की अनुमति देना उचित समझते हैं कि अदालत के निर्देशों का उल्लंघन करते हुए नाबालिग बच्चे को भारत में सक्षम अदालत के अधिकार क्षेत्र से दूर ले जाया गया था।"

पीठ ने कहा कि सीबीआई इंटरपोल के साथ समन्वय करेगी ताकि उचित नोटिस जारी किया जा सके।

पीठ ने पिछले महीने मामले की सुनवाई के दौरान मिस्र निवासी खालिद कमाल हुसैन मोहम्मद कासिम को अदालत के समक्ष पेश किये जाने के सारे प्रयास विफल होने के बाद सीबीआई को पक्षकार बनाने का निर्देश दिया था।

पीठ कासिम द्वारा बम्बई उच्च न्यायालय में दायर बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका पर दिये गये आदेश को चुनौती देने वाली अपील की सुनवाई कर रही थी। कासिम तीन फरवरी 2019 को पुणे में जन्मे बच्चे का पिता है।

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