अदालत ने रेलिगेयर के पूर्व सीएमडी सुनील गोधवानी की जमानत याचिका खारिज की
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नयी दिल्ली, 16 मई कोरोना वायरस संक्रमण फैलने के मद्देनजर स्वास्थ्य कारणों का हवाला देते हुए रेलिगेयर इंटरप्राइजेज लिमिटेड (आरईएल) के पूर्व सीएमडी सुनील गोधवानी ने रेलिगेयर फिनवेस्ट लिमिटेड (आरएफएल) के कोष की हेराफेरी के मामले में जमानत का अनुरोध किया, लेकिन दिल्ली की एक अदालत ने शनिवार को उन्हें राहत देने से इनकार कर दिया।

अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश विपिन कुमार राय ने जमानत अर्जी खारिज कर दी, जिसमें दावा किया गया था कि आरोपी एक ऐसी बीमारी से पीड़ित है, जिसमें नींद के दौरान सांस लेने में दिक्कत आती है।

आरोपी की तरफ से पेश हुई वरिष्ठ वकील रेबेका जॉन ने अदालत से कहा कि कोविड-19 के कारण चल रहे स्वास्थ्य संकट को देखते हुए आरोपी की बीमारी के गंभीर परिणाम हो सकते हैं।

गोधवानी को ईडी और दिल्ली पुलिस ने रेलिगेयर फिनवेस्ट लिमिटेड में कोष की धोखाधड़ी करने के आरोप में गिरफ्तार किया है।

प्रवर्तन निदेशालय के वकील नितेश राणा ने जमानत याचिका का विरोध करते हुए कहा कि यह कोई गंभीर बीमारी नहीं है और कोरोना वायरस संक्रमण के खतरे के कारण जेल के अधिकारी अतिरिक्त देखभाल कर रहे हैं।

राणा ने आरोपी के इस तर्क का भी विरोध किया कि उनके माता-पिता बीमार हैं। उन्होंने कहा कि उनकी देखभाल करने के लिए परिवार है।

इस मामले में फोर्टिस हेल्थकेयर के पूर्व प्रवर्तक मालिवंदिर सिंह और उनके भाई शिविंदर भी शामिल हैं और वे भी जेल में हैं।

मालविंदर (46), शिविंदर (44) और गोधवानी (58) को दिल्ली पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा ने धन की कथित तौर पर हेराफेरी करने और अन्य कंपनियों में निवेश करने के लिए गिरफ्तार किया था। बाद में प्रवर्तन निदेशालय ने उन्हें हिरासत में ले लिया।

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