देश की खबरें | अदालत ने हंसल मेहता की फिल्म की रिलीज पर पक्षों से आपस में विवाद सुलझाने को कहा

नयी दिल्ली, 17 जनवरी ढाका में 2016 में हुए आतंकवादी हमले के पीड़ितों के परिजनों द्वारा हंसल मेहता की फिल्म की रिलीज के खिलाफ दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए दिल्ली उच्च न्यायालय ने मंगलवार को दोनों पक्षों से आपस में बैठकर यह विवाद सुलझाने को कहा।

बांग्लादेश की राजधानी ढाका में हुए आतंकवादी हमले में मारे गए दो पीड़ितों की मां ने तीन जनवरी को रिलीज होने वाली फिल्म ‘फराज’ पर निजता के उल्लंघन का आरोप लगाया है।

न्यायमूर्ति सिद्धार्थ मृदुल और न्यायमूर्ति तलवंत सिंह की पीठ दो महिलाओं की याचिका पर सुनवाई कर रही थी जिसमें फिल्म की रिलीज पर रोक लगाने से इनकार संबंधी एकल पीठ के फैसले को चुनौती दी गई है।

दोनों महिलाओं की अपील पर पीठ ने कहा कि यह मामला ‘‘मां की भावनाओं से जुड़ा’’ है और ‘इसमें कोई हर्ज’ नहीं होगा अगर दोनों पक्ष आपस में बैठकर इसे सुलझा लें। अदालत ने सलाह दी कि याचिका दायर करने वाली महिलाओं को फिल्म दिखायी जाए।

पीठ ने कहा, ‘‘उनसे बात करने में कोई हर्ज नहीं है। हम अधिकारों के बारे में बात नहीं कर रहे हैं। हम एक मां की भावनाओं के बारे में बात कर रहे हैं। इस मामले को दिमाग स्थिर रखकर सुलझाने का प्रयास करें।’’

अदालत ने मामले में अगली सुनवाई के लिए 24 जनवरी की तारीख तय की है।

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